कोरोना वायरस के ज्यादा केस वाले 10 राज्यों को केंद्र का निर्देश, 1% से कम लाएं मृत्यु दर

कोरोना वायरस के ज्यादा केस वाले 10 राज्यों को केंद्र का निर्देश, 1% से कम लाएं मृत्यु दर
केंद्र ने ऊंची मृत्यु दर वाले 10 राज्यों को निर्देश दिए हैं.

कैबिनेट सचिव ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के ज्यादा केस वाले 10 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे सभी मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से कम पर लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 8:00 PM IST
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ंनई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार (Central Government) ने ज्यादा केस लोड वाले और ज्यादा मृत्यु दर राज्यों (High Case Loaded States) को कुछ निर्देश दिए हैं. केंद्र द्वारा जारी निर्देशों में सबसे प्रमुख मृत्यु दर को 1 फीसदी से कम पर लाना है. कैबिनेट सचिव ने अधिक मृत्यु दर वाले 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की गुरुवार को समीक्षा की. इस समीक्षा बैठक में केंद्र ने राज्यों को कोविड-19 (Covid-19) के मामले कम करने के लिए कई निर्देश जारी किये हैं.

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे सभी जिलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से कम पर लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं. इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए भी सरकार की ओर से सुझाव दिए गए हैं. केंद्र की ओर से लगातार टेस्टिंग को बढ़ाने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करने पर जोर दिया जा रहा है. इस बैठक में भी राज्यों को जो निर्देश दिये गए उनमें इन दोनों ही बातों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. राज्यों से केस पॉजिटिविटी रेट काबू करने के लिए भी कहा गया है. केंद्र की ओर से राज्यों को निम्नलिखित निर्देश दिये गए हैं-

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1. प्रभावी नियंत्रण, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी.
2. यह सुनिश्चित किया जाए कि कम से कम 80% नए मामलों में, सभी करीबी संपर्कों का पता लगाया जाए और 72 घंटों के अंदर उनका परीक्षण किया जाए.

3. 5% से कम की पॉजिटिविटी रेट को लक्षित करते हुए सभी जिलों में प्रति दिन प्रति 10 लाख पर न्यूनतम 140 परीक्षण सुनिश्चित किये जाएं.

4. कंटेनमेंट जोन और स्वास्थ्य सेवाओं में एंटीजन टेस्ट किये जाएं और सभी लक्षण वाले नेगेटिव मरीजों की दोबारा आरटीपीसीआर जांच की जाए.

5. होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की टेली कॉलिंग और होम विजिट के जरिए रेगुलर मॉनिटरिंग की जाए और एसपीओ2 लेवल निर्धारित स्तर से कम होने पर तुरंत स्वास्थ्य सुविधा में एडमिट किया जाए.

6. एंबुलेंस प्रतिक्रिया समय को काफी कम करते हुए COVID सुविधाओं में बेड और एंबुलेंस की उपलब्धता को सार्वजनिक डोमेन में लाया जाए.

7. लोगों की जान बचाने के लिए प्रभावी क्लिनिकल मैनेजमेंट किया जाए.

8. ज्यादा खतरे वाले मरीजों की सेहत पर ध्यान देते हुए हफ्ते के हिसाब से उनके स्वास्थ्य को मॉनिटर किया जाए.

9. केस लोड के आधार पर COVID समर्पित सुविधाओं को बढ़ाया जाए

10. सभी सुविधाओं में आवश्यक दवाओं, मास्क और पीपीई किट की उपलब्धता और उपयोग की निगरानी की जाए.

11. COVID उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने वाले व्यवहार परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करना जिसमें सामाजिक गड़बड़ी, मास्क पहनना, हाथ की सफाई, कफ शिष्टाचार आदि शामिल हैं.

इस समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. साथ में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, डीजी आईसीएमआर और सदस्य (स्वास्थ्य), एनआईएआईयोग भी इस बैठक में मौजूद रहे. बैठक में इन राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में COVID प्रबंधन और प्रतिक्रिया रणनीति की समीक्षा और चर्चा की गई. ये वह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं.
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