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कैंब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस को दिया था ऑफर, पार्टी बोली-कभी नहीं ली इसकी सेवा

News18.com
Updated: April 18, 2018, 10:04 PM IST
कैंब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस को दिया था ऑफर, पार्टी बोली-कभी नहीं ली इसकी सेवा
प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस को लेकर जल्द यह धारणा बननी चाहिए कि यह भ्रष्टाचार विरोधी है और प्रभावी शासन तथा आर्थिक विकास की मूर्त रूप है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस को लेकर जल्द यह धारणा बननी चाहिए कि यह भ्रष्टाचार विरोधी है और प्रभावी शासन तथा आर्थिक विकास की मूर्त रूप है.

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ब्रिटेन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने कथित तौर पर 2019 के लोकसभा चुनाव में ढाई करोड़ रुपये में कांग्रेस का प्रचार करने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि कांग्रेस ने इससे साफ इंकार करते हुए कहा है कि उसने कंपनी की सेवा कभी नहीं ली. कैंब्रिज एनालिटिका हाल में फेसबुक के आंकड़ों को चुराने के आरोप में सुर्खियों में आई है.

कंपनी के 49 पृष्ठों वाले इस ‘प्रस्ताव’ के मुताबिक कैंब्रिज एनालिटिका ने ‘मतदाता के सोच’ को प्रभावित करने के लिए फेसबुक डाटा का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था. अगस्त 2017 का यह ‘प्रस्ताव’ लीक हो गया है और यह सोशल मीडिया पर आ गया है.

इस बारे में संपर्क किए जाने पर कांग्रेस के डाटा विश्लेषण विभाग के प्रभारी प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि कांग्रेस एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है और उसे बहुत सारे प्रस्ताव मिलते हैं, लेकिन कैंब्रिज एनालिटिका की सेवा कभी नहीं ली गई और न ही मैने ऐसा कोई दस्तावेज देखा है न ही इससे मैं अवगत हूंं.

बीजेपी की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने पहले भी इस कंपनी की सेवा लेने की बात से इनकार किया था. यह कंपनी लाखों भारतीय फेसबुक यूजर्स का डाटा लीक करने को लेकर बड़े विवाद का सामना कर रही है.

‘डाटा - ड्रिवेन कैम्पेन - द पाथ टू 2019 लोकसभा’ नाम के इस प्रस्ताव संबंधी दस्तावेज में कैंब्रिज एनालिटिका ने अगले साल होने वाले आम चुनाव तथा इस साल के कर्नाटक, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के लिए विस्तृत रणनीति की पेशकश की थी.

यह प्रस्ताव कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलेक्जेंडर निक्स द्वारा कथित तौर पर तैयार किया था. फेसबुक स्कैंडल के सामने आने के बाद निक्स को निलंबित कर दिया गया था और फिलहाल वह ब्रिटेन में जांच का सामना कर रहे हैं.

इस प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘उसको (कांग्रेस) लेकर जल्द यह धारणा बननी चाहिए कि वह भ्रष्टाचार विरोधी है और प्रभावी शासन तथा आर्थिक विकास की मूर्त रूप है. इसके लिए मतदाता की ठोस समझ तथा समकालीन रुख के मुताबिक उसके साथ संवाद के लिए ठोस रणनीति भी जरूरी है.’’प्रस्ताव में भारत के ‘स्मार्टफोन मतदाताओं’ पर बीजेपी के एकाधिकार को ‘बाधित’ करने की योजना का उल्लेख भी किया गया है.

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First published: April 18, 2018, 10:04 PM IST
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