क्या भूकंप जमीन में मौजूद पानी को सोना बना देता है? जानें क्या है सच

क्या भूकंप जमीन में मौजूद पानी को सोना बना देता है? जानें क्या है सच
प्रतीकात्मक फोटो

इस दावे को प्रमाणित करने के लिए एक रिसर्च भी सामने लाया जा रहा है जो जमीन में सोना बनने की प्रक्रिया और भूकंप के बीच कड़ी तलाशता है.

  • News18India
  • Last Updated: June 24, 2019, 12:18 PM IST
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सोशल मीडिया के वायरल मैसेज का दावा है कि भूकंप कुदरत का श्राप ही नहीं, प्रकृति का करिश्मा भी है. मैसेज में कहा जा रहा है कि भूकंप ज़मीन में मौजूद पानी को सोना बना देता है.

इस दावे को प्रमाणित करने के लिए एक रिसर्च भी सामने लाया जा रहा है जो जमीन में सोना बनने की प्रक्रिया और भूकंप के बीच कड़ी तलाशता है.

#फेक1: भूकंप ज़मीन में मौजूद पानी को सोना बना देता है



#फेक2: भूकंप से धरती के अंदर बनते हैं सोने का भंडार



क्या है सच्चाई?

इस वायरल मैसेज की पड़ताल के लिए हमने दिल्ली यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर आशुतोष कुमार से बात की. उन्होंने भूकंप के पानी को सोने में बदल देने के दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया. उन्होंने कहा पानी से सोना बनने का दावा गलत है. हां, ये सही है कि टेक्टॉनिक ऐक्टिविटी की वजह से सोने का डिपॉज़िट मिलता है.

भूकंप पानी को सोना बना देने के इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने भोपाल के बर्कतुल्लाह विश्व विद्यालय में भूविज्ञान के प्रोफ़ेसर डी सी गुप्ता से बात की .उनके मुताबिक, पृथ्वी के अंदर हर तरीके के धातु मिलते हैं जिसमें सोना भी है. ये द्रव्य(पानी) के शक्ल में होते हैं. भूकंप के दौरान जब दबाव पड़ता है ये धीरे- धीरे ये धातु ऊपर आने लगते हैं. और जैसे -जैसे ये ऊपर की और आते हैं तापमान कम होने पर ठोस रूप में हो जाते हैं. ये ठोस जरूरी नहीं है कि सोना ही हो. कॉपर, जिंक, लोहा कुछ भी हो सकता है.

भूकंप सोना बनाने के लिए नहीं है जिम्मेदार

प्रोफ़ेसर डी सी गुप्ता ने हमसे कहा कि भूकंप कहीं से भी सोना बनाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं. दरअसल, भूकम्प से जो भूगर्भीय हरकत होती है उससे आस-पास की जो दरारें खुलती हैं, उससे सोना या दूसरे मेटल वाला द्रव्य वहां पहुंच जाता है.

भूकम्प के दौरान धरती में बस इतना होता है कि जो द्रव्य सोना लेकर ज़मीन के भीतर से अलग हुए हैं, उसको वो फैला देता है.

जहां भूकंप आता है क्या वहां सोने के भंडार पाए जाते हैं

मैसेज में ये भी दावा किया जा रहा है कि जिस जगह भूकंप ज्यादा आते हैं वहां सोने के भंडार भी मिलते हैं. जिस रिसर्च का संदर्भ दिया जा रहा है वो दरअसल भूकंप के दबाव से धरती के भीतर के द्रव फैलने की प्रक्रिया पर है. होता ये है कि भूकंप के दबाव से द्रव फैलने लगते हैं और तेजी से उनका वाष्पीकृरण होता है. इस दौरान द्रव में घुले जितने भी सोने के कण होते हैं वे फौरन नीचे बैठ जाते हैं. इसी रिसर्च में ये भी समझाया गया है कि एक टन सोना तैयार होने में हजार साल का समय लग सकता है. यानी ऐसे जगह पर सोने के भंडार का दावा भी गलत है.

#फैक्ट1-भूकंप के दौरान धरती में बस इतना होता है कि जो द्रव्य सोना लेकर ज़मीन के भीतर से अलग हुए हैं, उसको वो फैला देता है

#फैक्ट2-भूकंप से धरती में सोने का भंडार तैयार नहीं होता. रिसर्च में ये बात सामने आई है.

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