बिना मानव विकास के नहीं पा सकते 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर: नीति आयोग

बिना मानव विकास के नहीं पा सकते 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर: नीति आयोग
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत (File photo)

कांत ने कहा कि इस तरह की तेजी से विकास करना तब तक संभव नहीं है जब तक कि देश में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर ऊंची हो और हर तीसरा बच्चा कुपोषित हो.

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नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहा कि देश को मानव विकास इंडेक्स (एचडीआई) में सुधार लाए बिना 10 प्रतिशत के आसपास आर्थिक वृद्धि दर हासिल करना संभव नहीं लगता है.

कांत ने बाल अधिकार संगठन प्लान इंडिया के एक कार्यक्रम में शुक्रवार को कहा, ‘‘हम करीब 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहे हैं और यदि हम अगले तीन दशक तक 10 प्रतिशत के आसपास की तेज वृद्धि दर से आगे बढ़ना चाहते हैं तो यह एचडीआई में सुधार लाये बिना संभव नहीं है.’’

कांत ने कहा कि इस तरह की तेजी से विकास करना तब तक संभव नहीं है जब तक कि देश में जच्चा-बच्चा मृत्यु दर ऊंची हो और हर तीसरा बच्चा कुपोषित हो.



संयुक्त राष्ट्र मानव विकास की 2016 की रिपोर्ट के अनुसार भारत 188 देशों की सूचक में एक स्थान नीचे खिसककर 131वें स्थान पर आ गया.
कांत ने देश में करीब 200 जिलों के पिछड़े होने का जिक्र करते हुए कहा कि इसे केवल सरकार अकेले नहीं बदल सकती. उन्होंने कहा कि ऐसे में गैर-सरकारी स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.

इस मौके पर वरिष्ठ सिने तारिका और सामाजिक कार्यकर्ता शबाना आजमी ने कहा कि भारत बहुधर्मी, बहु-संस्कृति और बहु-भाषाई समाज वाला देश है ऐसे में देश के विकास के लिए सरकार, स्वयंसेवी संगठनों और सामुदायिक कार्यकताओं जैसे सभी हितधारकों को मिल कर काम करने की जरूरत है.

 
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