Home /News /nation /

माल्या के भारत आने में लगेगी देर, ब्रिटिश उच्चायुक्त बोले-प्रत्यर्पण की समय तय नहीं कर सकते

माल्या के भारत आने में लगेगी देर, ब्रिटिश उच्चायुक्त बोले-प्रत्यर्पण की समय तय नहीं कर सकते

ब्रिटेन के शीर्ष न्यायालय का निर्णय 64 वर्षीय माल्या के लिये एक तगड़ा झटका था

ब्रिटेन के शीर्ष न्यायालय का निर्णय 64 वर्षीय माल्या के लिये एक तगड़ा झटका था

भारत में नियुक्त ब्रिटिश उच्चायुक्त सर फिलिप बार्टन ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन (Britain) की सरकार भगोड़े कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) के प्रत्यर्पण के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं कर सकती है.

    नई दिल्ली. भारत में नियुक्त ब्रिटिश उच्चायुक्त (British High Commissioner) सर फिलिप बार्टन ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन (Britain) की सरकार भगोड़े कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) के प्रत्यर्पण के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं कर सकती है. हालांकि, ब्रिटेन सरकार अपराधियों को राष्ट्रीय सीमा पार कर न्याय से बचकर नहीं भागने देने के लिए कटिबद्ध है.

    ऑनलाइन प्रेस वार्ता में जब उनसे यह पूछा गया कि क्या माल्या ने ब्रिटेन में शरण मांगी है, इस पर उच्चायुक्त ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह के मुद्दों पर कभी टिप्पणी नहीं करती. बार्टन ने कहा, ‘‘ब्रिटेन की सरकार और अदालतें लोगों के दूसरे देश भागने से रोकने की अपनी भूमिका से बखूबी वाकिफ हैं. हम सभी किसी भी मामले में अपनी भूमिका को लेकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि राष्ट्रीय सीमाएं पार कर अपराधी न्याय के दायरे से नहीं बच निकलें.’’

    प्रत्यर्पण एक कानूनी मामला है
    उन्होंने कहा कि माल्या का प्रत्यर्पण एक कानूनी मामला है और ब्रिटेन की सरकार का इस पर कोई नया निर्णय नहीं है. साथ ही, नवनियुक्त उच्चायुक्त ने यह भी कहा कि ब्रिटेन की सरकार इस बात से वाकिफ है कि यह मामला भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भारत ने कहा था कि उसने ब्रिटेन से अनुरोध किया है कि वह माल्या के शरण मांगने के किसी अनुरोध पर विचार नहीं करे क्योंकि इस देश में उसे प्रताड़ित किये जाने के लिए कोई आधार नहीं है.

    ब्रिटेन सरकार ने दिए थे यह संकेत
    ब्रिटेन सरकार ने यह संकेत दिया था कि माल्या को निकट भविष्य में भारत प्रत्यर्पित किये जाने की संभावना बहुत कम है. यह भी कहा था कि एक कानूनी मुद्दा है, जिसे उसके प्रत्यर्पण की व्यवस्था किये जा सकने से पहले हल किये जाने की जरूरत है.

    धन शोधन और धोखाधड़ी के आरोपों में मुकदमे का सामना करने के लिए भारत प्रत्यर्पित किये जाने के खिलाफ ब्रिटिश उच्चतम न्यायालय में अपनी अपील में माल्या को नाकामी हाथ लगी थी. ब्रिटेन के शीर्ष न्यायालय का निर्णय 64 वर्षीय माल्या के लिए एक तगड़ा झटका था.



    2016  से ब्रिटेन में है विजय माल्या
    ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले महीने एक कानूनी मुद्दा था, जिसका हल माल्या के प्रत्यर्पण की व्यवस्था किये जा सकने से पहले किये जाने की जरूरत है. अधिकारी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन के कानून के मुताबिक इस मुद्दे के हल होने तक प्रत्यर्पण नहीं किया जा सकता. यह मुद्दा गोपनीय है और हम इस बारे में और अधिक नहीं बता सकते. हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि इस मुद्दे को हल होने में कितन लंबा समय लगेगा.’’ उल्लेखनीय है कि माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में है.undefined

    Tags: Britain, India britain, Vijay mallya case

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर