रोहिंग्या शरणार्थियों को रिफ्यूजी कार्ड देकर देश में घुसने नहीं दे सकतेः SC में सरकार

रकार ने दावा किया कि घुसपैठ के कारण ही देश में आतंकवाद तेजी से फैल रहा है जिसमें हजारों निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की मौत होती है.

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: March 16, 2018, 4:58 PM IST
रोहिंग्या शरणार्थियों को रिफ्यूजी कार्ड देकर देश में घुसने नहीं दे सकतेः SC में सरकार
म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थी
Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: March 16, 2018, 4:58 PM IST
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्टे में जमा किए गए एफिडेविट में गृह मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए ये जरूरी है कि सिर्फ उन्हें ही भारत की धरती पर आने की अनुमति दी, जिसके पास वैध यात्रा दस्तावेज हो.

सरकार ने जोर देकर कहा कि भारत को खुली सीमा के चलते पहले से ही घुसपैठ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही सरकार ने दावा किया कि घुसपैठ के कारण ही देश में आतंकवाद तेजी से फैल रहा है जिसमें हजारों निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की मौत होती है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से रोहिंग्या शरणार्थियों की याचिका पर जवाब मांगा था जिसमें आरोप लगाया गया कि बीएसएफ शरणार्थियों को भारत में प्रवेश से रोकने के लिए हथगोलों का प्रयोग कर रहा है. लेकिन सरकार ने इन आरोपों से इंकार किया.

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को ये भी कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थी को फिलहाल पहचान पत्र जारी करने की कोई योजना नहीं है. सरकार ने फिलहाल कोई ऐसा फैसला नहीं लिया है.

गृह मंत्रालय ने भी कहा है कि श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों और म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमान के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती. ये भी बताया गया है कि 1964, 1974 और 1986 में भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय समझौते के मुताबिक तमिल शरणार्थियों को यहां आने की अनुमति दी गई थी. जबकि भारत और म्यांमार के बीच ऐसा कोई समझौता नहीं है.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी.

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First published: March 16, 2018, 3:22 PM IST
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