अपना शहर चुनें

States

धर्मेंद्र प्रधान ने दिलाया भरोसा, 13 जनवरी के बाद भी पेट्रोल पंपों पर होगा कार्ड से भुगतान

etv, pradesh18
etv, pradesh18

एआईपीडीए ने रविवार को कहा था कि कार्ड लेनदेन पर एक फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के खिलाफ यह फैसला लिया गया है. फैसला ऐसे समय पर आया है जब केंद्र सरकार ने बीते महीने ही कार्ड से पेट्रोल-डीजल की खरीदारी पर 0.75 फीसदी छूट देने की घोषणा कर रखी है.

  • Pradesh18
  • Last Updated: January 9, 2017, 6:36 PM IST
  • Share this:
नोटबंदी के बाद पेट्रोल पंपों पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान करने को लेकर बवाल ने अब नया रूप ले लिया है. पेट्रोल पंप मालिकों के एसोशिएशन की ओर से डिजिटल भुगतान नहीं लेने को लेकर फैली चर्चाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि 13 जनवरी के बाद भी लोग आसानी से अपने कार्ड से वहां भुगतान कर पाएंगे.

इससे पहले ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) ने 14 जनवरी से कार्ड पेमेंट को स्वीकार नहीं करने का एलान किया है. एलान के बारे में पूछने पर प्रधान ने कहा कि एआईपीडीए और बैंकों के बीच कुछ मसलों पर मतभेद हैं. इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि एमडीआर विवाद का असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा. साथ ही उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा.

पहले 9 जनवरी थी डेडलाइन



एआईपीडीए ने इससे पहले देशभर के पेट्रोल पंपों पर सोमवार 9 जनवरी से डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए ग्राहकों से भुगतान नहीं लिए जाने की घोषणा की थी. एआईपीडीए ने रविवार को कहा था कि कार्ड लेनदेन पर एक फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के खिलाफ यह फैसला लिया गया है. फैसला ऐसे समय पर आया है जब केंद्र सरकार ने बीते महीने ही कार्ड से पेट्रोल-डीजल की खरीदारी पर 0.75 फीसदी छूट देने की घोषणा कर रखी है.
बैंकों के अतिरिक्त शुल्क को लेकर खींचतान

बैंकों ने पेट्रोल पंप मालिकों से लेनदेन पर शुल्क वसूलने की बात कही थी. इसके विरोध में एआईपीडीए ने कहा था कि ऐसे हालात में कार्ड से भुगतान को स्वीकार नहीं करेंगे. एआईपीडीए के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा था कि बैंकों ने पेट्रोलियम डीलर्स को सूचित किया है कि वे क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 1 फीसदी और डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 0.25-1.0 फीसदी के बीच शुल्‍क वसूलेंगे.

dharmendra-pradhan

मार्जिन से अधिक खर्च होने का दिया हवाला

बंसल ने बताया कि एक फीसदी एमडीआर कटने के चलते यह फैसला किया गया है कि अब 14 जनवरी से देश के सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों 53,840 रिटेल आउटलेट्स पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे. एआईपीडीए की दलील है कि कुल मार्जिन 2.5 फीसदी है. इसमें उन्‍हें स्‍टाफ कॉस्‍ट और अन्‍य खर्च करने होते हैं. इतने कम मार्जिन में बैंक को शुल्‍क देना रिटेल आउटलेट्स के लिए संभव नहीं है.

क्या होता है एमडीआर, क्यों सहमे हैं डीलर्स

एमडीआर वह कमीशन होता है जिसे बैंकों की ओर से कार्ड पेमेंट स्वीकार करने लिए जरूरी ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वसूला जाता है. डीलर्स के मुताबिक नए नियम से उन्हें भारी घाटा होने की आशंका है. दूसरे कारोबारियों की तरह वह अपने उत्‍पादों की कीमत भी नहीं बढ़ा सकते हैं. इस सूरत में पेट्रोलियम डीलर्स अपने मार्जिन का एक फीसदी हिस्‍सा बैंकों को देने की स्थिति में नहीं हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज