पालघर मामला सीबीआई को सौंपने के लिये याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार. (File)
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार. (File)

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar Mob Lynching) में अप्रैल में तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. आज इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपे जाने संबंधी मांग वाली याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में होगी.

  • Share this:
पालघर. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar Lynching Case) में दो साधुओं की भीड़ द्वारा हत्या का मामला अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है.  सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और एनआईए (NIA) से कराने के लिये दायर याचिकाओं पर गुरुवार को राज्य सरकार से जवाब मांगा.

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से दो याचिकाओं पर सुनवाई के बाद महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया. पहली याचिका ‘पंच दशबन जूना अखाड़ा’ के साधुओं और मृतक साधुओं के परिजनों ने दायर की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पालघर जिले में 18 अप्रैल को हुयी इस घटना की जांच राज्य पुलिस दुर्भावनापूर्ण तरीके से कर रही है.

बता दें सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मामले की जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को सौंपने की मांग की गई थी. साधुओं के रिश्तेदारों और जूना अखाड़ा (Juna Akhada) के साधुओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में कहा गया था कि उन्हें महाराष्ट्र सरकार और पुलिस (Maharashtra Police) की जांच पर भरोसा नहीं है.



याचिका में कहा गया था कि इस मामले में शक की सुई पुलिस के पर ही है ऐसे में पुलिस से सही तरीके से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है और मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा.
 दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था
इससे पहले दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में दो और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है. इनमें 10 किशोर भी शामिल हैं. महाराष्ट्र पुलिस का अपराध जांच विभाग (CID) पालघर जिले में 16 अप्रैल को दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले की जांच कर रहा है. अधिकारी ने बताया कि सोमवार को गिरफ्तार किये गए दो व्यक्तियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जिन्होंने दोनों को 31 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

बता दें कि पालघर जिले में करीब 200 लोगों की भीड़ ने चोर होने के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. बाद में इनमें से 2 लोगों के साधु थे, जबकि तीसरा शख्स ड्राइवर बताया गया. यह घटना उस समय हुई, जब ये लोग मुंबई (Mumbai) के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे. मृतकों की पहचान 70 वर्षीय चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरी, 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज और चालक 30 वर्षीय निलेश तेलगड़े के रूप में की गई थी.

नांदेड़ में भी हुई थी साधु की हत्या
महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए थे और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पालघर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था.

बता दें पालघर के बाद ही राज्य के नांदेड़ स्थित एक आश्रम में लिंगायत समाज के एक साधु और उनके सेवक की हत्या का मामला सामने आया था. बताया गया कि कि साधु पशुपति महाराज का शव आश्रम में मिला जबकि उनकी सेवा करने वाले सेवादार भगवान राम शिंदे का शव आश्रम से कुछ दूर पर पड़ा मिला था. बताया जा रहा है कि हत्यारोपी की पहचान साईनाथ लिंगाडे के रूप में हुई है, जिसे तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया गया है. (रिपोर्टर सुशील पांडे के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का बयान- फर्जी खबरों पर मुंबई पुलिस का आदेश कानूनी तौर पर सही

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज