CBI के पूर्व जज का खुलासा, जनार्दन रेड्डी को जमानत के बदले मिली थी 40 करोड़ की पेशकश

सीबीआई के पूर्व विशेष न्‍यायाधीश बी. नागा मारुति सरमा के बाद पद संभालने वाले टी. पट्टाभि रामाराव और हाईकोर्ट के एक न्यायिक अधिकारी के. लक्ष्मी नरसिम्हा राव को जी. जनार्दन रेड्डी को जमानत देने के लिए रिश्वत स्वीकार करने में गिरफ्तार किया गया था.

News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 1:53 PM IST
CBI के पूर्व जज का खुलासा, जनार्दन रेड्डी को जमानत के बदले मिली थी 40 करोड़ की पेशकश
भ्रष्‍टाचार रोधी अदालत (ACB Court) के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जस्टिस सरमा ने दावा किया कि उन्हें जी. जनार्दन रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए 40 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी.
News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 1:53 PM IST
'कैश फॉर बेल' मामले में सीबीआई के पूर्व विशेष न्‍यायाधीश बी. नागा मारुति सरमा ने कोर्ट में बड़ी जानकारी दी है. यह मामला खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी से जुड़ा है. भ्रष्‍टाचार रोधी अदालत (ACB Court) के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जस्टिस सरमा ने दावा किया कि उन्हें रेड्डी को जमानत दिलाने के लिए 40 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी. सरमा के बाद पद संभालने वाले टी. पट्टाभि रामाराव और हाईकोर्ट के एक न्यायिक अधिकारी रेड्डी को जमानत देने के लिए रिश्वत स्वीकार करने के लिए गिरफ्तार किए गए थे.

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के. लक्ष्मी नरसिम्हा राव ने खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी की ओर से अप्रैल, 2012 में कथित रूप से जस्टिस सरमा को रिश्वत की पेशकश की थी. सीबीआई ने सितंबर, 2011 में अवैध खनन मामले में रेड्डी को गिरफ्तारी किया था. इसके बाद से वह चंचलगुडा जेल में न्यायिक हिरासत में थे. इसी दौरान उन्‍हें जमानत दिलाने के लिए 40 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी.

पेशकश के बाद जस्टिस सरमा ने खारिज कर दी जमानत याचिका
एसीबी कोर्ट में गवाह के रूप में पेश हुए जस्टिस सरमा ने सोमवार को कहा कि मैंने उस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया और रजिस्ट्रार के घर से बाहर निकल गया. बाद में सरमा ने अपने समक्ष लंबित रेड्डी की जमानत याचिका खारिज कर दी. मामला अब ट्रायल स्टेज पर पहुंच गया है. एसीबी स्पेशल कोर्ट हैदराबाद ने सरमा के साक्ष्य को दर्ज किया. मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी. एसीबी विशेष कोर्ट ने कहा है कि 13 सितंबर को अगली सुनवाई पर जनार्दन रेड्डी के वकील सरमा की ओर से दिए गए साक्ष्यों पर बहस कर सकते हैं.

'कुछ देर बात के बाद राव ने रखी थी 40 करोड़ की पेशकश'
सरमा ने एसीबी कोर्ट के समक्ष कहा कि अप्रैल, 2011 में हैदराबाद सीबीआई कोर्ट में स्पेशल जज के रूप में मैंने कार्यभार संभाला. अप्रैल, 2012 में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार लक्ष्मी नरसिम्‍हा राव ने मुझे फोन कर कहा कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं. वह मेरे सीनियर रहे थे. इसलिए मैंने कहा कि मैं खुद उनके घर पर आकर मिल लूंगा. 18 अप्रैल, 2012 को सुबह मैं उनके घर पहुंचा. कुछ देर सामान्य बातचीत के बाद राव मुख्य मुद्दे पर आए. उन्होंने रेड्डी को जमानत देने का प्रस्ताव मेरे सामने रखा.

'राव का प्रस्‍ताव ठुकराकर तुरंत उनके घर से निकल आया'
Loading...

जस्टिस सरमा ने बताया, 'खुद राव ने कहा कि रेड्डी के लोग उन्‍हें जमानत देने के लिए 40 करोड़ रुपये तक देने को तैयार हैं. मैंने तुरंत उनका प्रस्ताव ठुकराया और उनके घर से बाहर निकल गया. बता दें कि मामले में सीबीआई कोर्ट में सरमा के उत्तराधिकारी पट्टाभि रामाराव ने रेड्डी को जमानत दे दी थी. बाद में कथित रूप से रिश्वत स्वीकार करते हुए सीबीआई और एसीबी अधिकारियों ने एक संयुक्त अभियान में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. जुलाई, 2012 में एसीबी अधिकारियों ने लक्ष्मी नरसिम्हा राव को भी गिरफ्तार किया था.

ये भी पढ़ें:

INX Media Case: ED का दावा, 12 देशों में फैली है पी चिदंबरम की करोड़ों की प्रॉपर्टी

जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक तक केंद्रीय योजनाओं का फायदा पहुंचाने की तैयारी में मोदी सरकार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 27, 2019, 1:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...