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इंस्टाग्राम पर कर रहे थे चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का विज्ञापन, CBI ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

सीबीआई कर रही जांच. (File Pic)
सीबीआई कर रही जांच. (File Pic)

Child PornoGraphy: सीबीआई (CBI) की टीम दोनों आरोपियों का बैंक एकाउंट डिटेल और पिछले पांच सालों में किए गए तमाम वित्तीय लेनदेन के बारे में भी विस्तार से तफ्तीश कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 1:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. हमारे समाज में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो नाबालिग, मासूम बच्चों का अश्लील वीडियो बनाकर उनका मानसिक और शारीरिक शोषण करते हैं, इसके साथ ही उन अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया साइट के जरिये बेचकर अवैध कमाई भी करते हैं. इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले एक-डेढ़ साल पहले सीबीआई मुख्यालय में सीबीआई के निदेशक (CBI Director) आरके शुक्ला ( Rishi kumar Shukla) ने अपनी टीम को आदेश दिया था कि ये मामला बच्चों से जुड़ा हुआ है. लिहाजा इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए हमें उन आरोपियों पर ठोस कार्रवाई करनी है, जो समाज को गंदा करने में जुटे हुए हैं.

सीबीआई को हमलोग सामान्य तौर पर भ्रष्‍टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के तौर पर जानते हैं, लेकिन इस तरह की कार्रवाई आज के दौर में बेहद आवश्यक हो चुकी है. सीबीआई निदेशक के द्वारा लिया गया ये निर्णय अब रंग लाता दिखा रहा है, पिछले एक साल के अंदर कई ऐसे मामले दर्ज हुए और उन आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा रही है.

सीबीआई ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी (child sexual abuse) से जुड़े मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक और नई एफआईआर दर्ज की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये दोनों आरोपी सोशल मीडिया इंस्टाग्राम ( Instagram Account) पर मासूम और नाबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो (child pornographic material) बनाकर सोशल मीडिया के मार्फत उन वीडियो को खरीदने और बेचने का गंदा धंधा कर रहे थे. इसके साथ ही पैसों के लेनदेन के लिए पेटीएम ( PayTM ) और गूगल पे (Google Pay) जैसी सुविधा का दुरुपयोग भी कर रहे थे. जिससे कि उन आरोपियों पर वित्तीय लेनदेन के मामले में कोई शक नहीं कर सके.



सीबीआई मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी के मुताबिक आरोपियों का नाम नीरज कुमार यादव और कुलजीत सिंह माकन है. आरोपी नीरज कुमार यादव पेशे से बीटेक इंजीनियर (B.Tech ) है जबकी दूसरा आरोपी कुलजीत दिल्ली युनिवर्सिटी से स्नातक है .सीबीआई की टीम ने पॉस्को एक्ट 2012 ( POCSO Act) के तहत अंडर सेक्शन 14 और आईटी एक्ट (Information Technology Act) के साथ अवैध तौर पर अश्लील वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कई अन्य धाराओं तहत मामले को दर्ज करके इस मामले में तफ्तीश शुरू की गई थी .
मासूम बच्चियों के अश्लील वीडियो बनवाने और बेचने के लिए विज्ञापन
दरअसल कुछ महीने पहले सीबीआई को इन दोनों आरोपियों के बारे में जानकारी मिली थी कि ये लोग सोशल मीडिया के मार्फत मासूम और नबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो प्राप्त करने के लिए और उसको बाद में बेचने के लिए इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन डाला था, उसके बाद कुलजीत ने उस विज्ञापन को देखने के बाद नीरज कुमार यादव को संपर्क किया. उसके बाद उन दोनों के बीच इस धंधा को आगे बढाने का आपस में कॉन्ट्रेक्ट तय हो गया. इसके लिए पैसे और प्रत्येक वीडियो के हिसाब से रुपये तय कर लिया गया.

जब सोशल मीडिया के जरिये चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के कई मामले बढ़ने लगे तब इस मामले को सीबीआई ने दर्ज किया और कार्रवाई को अंजाम देते हुए उपयुक्त जानकारी मिलने के बाद उन दोनों आरोपियों के आवास सहित अन्य लोकेशन पर छापेमारी को अंजाम दिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके सीबीआई की टीम ने साउथ दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई की कोर्ट ने उन दोनों आरोपियों को 22 जनवरी तक सीबीआई कोर्ट ने न्यायिक रिमांड ( Judicial Custody) पर जेल भेज दिया, लेकिन सीबीआई की टीम अब विस्तार से उन दोनो आरोपियों से जुडे़ मामले में कई अन्य आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है, उन दोनों आरोपियों का इस मामले में कितने अन्य आरोपियों के साथ कनेक्शन हैं, कौन-कौन से लोग इस तरह के वीडियो खरीदते हैं और बेचते हैं इन तमाम मामलों पर विस्तार से तफ्तीश चल रही है, जिससे आगे की तफ्तीश के बाद उनलोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके .

सीबीआई की टीम उन दोनों आरोपियो का बैंक एकाउंट डिटेल और पिछले पांच सालों में किए गए तमाम वित्तीय लेनदेन के बारे में भी विस्तार से तफ्तीश कर रही है, इसके साथ ही पेटीएम/गूगल पे संस्था को खत लिखकर विस्तार से तमाम लेनदेन की जानकारियों के बारे में जानकारियां मांगी गई हैं. सीबीआई को शुरूवाती जांच में ये पता चला है कि ये दोनों आरोपी इस तरह के मामले को साल 2019 से ही अंजाम दे रहा था, लिहाजा एक अनुमान लगाया जा सकता है की अब तक कई दर्जन ऐसे अश्लील वीडियो को बनाकर ये खरीदने-बेचने का काम कर चुका है. लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए काफी तेजी से और सटीक तरीके से इस मामले में जांच जारी है.

सीबीआई चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के कई अन्य मामलों की भी कर रही है तफ्तीश
सीबीआई की टीम पिछले कुछ महीने पहले ही उत्तरप्रदेश के बांदा, चित्रकूट में रहने वाले कुछ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. वे कई मासूम नाबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाकर उसको सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम पर बेचने और पोर्नोग्राफी साइट पर अपलोड करने का काम करते थे. इसी मामले में रामभवन नाम के एक जूनियर इंजीनियर की गिरफ्तारी हुई थी, जो चित्रकूट में सिंचाई विभाग में कार्यरत था. उसके बाद बुंदेलखंड के बांदा, महोबा में भी कार्रवाई को अंजाम देते हुए सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण सबूतों को जब्त किए था.

इसी मामले में सोनभद्र इलाके से नीरज यादव नाम के युवक की गिरफ्तारी हुई, उसके बाद इसी मामले से जुड़े कनेक्शन में कश्मीर मूल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसका कनेक्शन वाशिंगटन में रहने वाली आरोपी महिला के साथ सीबीआई के सामने आया था, बाद में पता चला की पति कश्मीर से और उसकी आरोपी पत्नी वाशिंगटन से इस अश्लील वीडियो को बनाने और उसे बेचने के काम को अंजाम दे रहा था. सीबीआई की टीम इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीम को तफ्तीश में जांच करवा रही है .
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