CBI ने फेसबुक, कैंब्रिज एनालिटिका से मांगी डेटा की जानकारी

भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई ने भारतीयों के डाटा चोरी केस को लेकर फेसबुक, कैम्ब्रिज एनालिटिका तथा ग्वोबल साइंस रिसर्च को पत्र लिख कर डाटा संग्रह के तरीके को पूंछा है.

भाषा
Updated: September 17, 2018, 8:27 PM IST
CBI ने फेसबुक, कैंब्रिज एनालिटिका से मांगी डेटा की जानकारी
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Updated: September 17, 2018, 8:27 PM IST
सीबीआई ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म से भारतीयों के अवैध तरीके से व्यक्तिगत डाटा जुटाने के संबंध में फेसबुक, कैम्ब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च को पत्र लिखा है. कंपनियों को भेजे गए पत्रों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके द्वारा डाटा संग्रह के लिये अपनाए गए तरीके का ब्योरा मांगा है.

भारत सरकार द्वारा देश के लोगों का डाटा चोरी का केस सौंपे जाने के बाद जांच एजेंसी ने कथित डाटा चोरी के लिये पिछले महीने कैम्ब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की थी.

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गौरतलब है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप लगाया गया था कि उसने ग्लोबल साइंस रिसर्च से डाटा प्राप्त किया, जिसने फेसबुक का उपयोग करके भारतीयों के निजी डाटा जुटाने के लिये "अवैध साधनों" का इस्तेमाल किया. फेसबुक के भारत में 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं.

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सीबीआई ने कहा कि प्रारंभिक जांच यह तय करेगी कि आरोपों की प्राथमिकी के जरिये पूरी तरह से जांच करने की आवश्यकता है या नहीं. डाटा माइनिंग और विश्लेषण फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका पर पहले आरोप लगे थे कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जीतने में मदद करने के लिये 8.7 करोड़ फेसबुक एकाउन्ट से व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल किया था.

केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जुलाई में राज्यसभा को बताया था कि जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी भी खबरें हैं कि उपयोगकर्ताओं का डाटा फेसबुक से संबंध रखने वाले "हार्डवेयर निर्माताओं ने अवैध रूप से हासिल किया.
इस मुद्दे के संबंध में फेसबुक ने कहा कि उसे भारतीय उपयोगकर्ताओं की सूचना समेत किसी भी सूचना के दुरुपयोग की जानकारी नहीं है. मार्क जुकरबर्ग की स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा था कि लगभग 8.7 करोड़ लोगों का डाटा - ज्यादातर अमेरिका में - शायद कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ अनुचित रूप से साझा किया गया हो.
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