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cbi has arrested s bhaskar raman a close associate of congress leader karti p chidambaram

सीबीआई ने कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के सहयोगी भास्कर रमन को किया गिरफ्तार

कार्ति चिदंबरम के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने दिल्ली और चेन्नई में देश के कई शहरों में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी (फ़ाइल फोटो)

कार्ति चिदंबरम के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने दिल्ली और चेन्नई में देश के कई शहरों में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी (फ़ाइल फोटो)

Karti Chidambaram visa corruption: कार्ति चिदंबरम पर 2011 में 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के बाद चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने का आरोप है. उस वक्त कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे.

नई दिल्ली. सीबीआई ने कांग्रेस नेता कार्ति पी चिदंबरम के करीबी सहयोगी एस भास्कर रमन को गिरफ्तार किया है. ये मामला वीज़ा घोटाले से जुड़ा है. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में मंगलवार देर रात भास्कर से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. बता दें कि मंगलवार को सीबीआई ने 11 साल पुराने एक आरोप की जांच को लेकर लोकसभा सदस्य कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया. आरोप है कि उन्होंने एक बिजली कंपनी के लिए 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने में मदद की.

मंगलवार को कार्ति चिदंबरम के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने दिल्ली और चेन्नई में देश के कई शहरों में 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. उनके पिता पी चिदंबरम के आवासा पर पर भी छापे पड़े थे. आरोप है  कि 2011 में 50 लाख रुपये की रिश्वत लेकर चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने में उन्होंने मदद की थी. उस समय कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे.

ऐसे मिले थे सुराग
सीबीआई के मुताबिक कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ये जांच आईएनएक्स मीडिया मामले की पड़ताल के दौरान कुछ सुराग मिलने पर शुरू की गई. अधिकारियों ने बताया कि तलवंडी साबो बिजली प्रोजेक्ट के लिए जुलाई-अगस्त 2011 में चीन के 263 नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए 50 लाख रुपये की रिश्वत मिली थी. सीबीआई को भास्कररमन के कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव से 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के कुछ दस्तावेज मिले थे, जिसके आधार पर एजेंसी ने जांच दर्ज की थी.

प्रोजेक्ट में देरी
पंजाब के मनसा स्थित तलवंडी साबो बिजली परियोजना के तहत 1980 मेगावाट का ताप बिजली संयंत्र स्थापित किया जाना था जिसके लिए चीन की एक कम्पनी के साथ अनुबंध किया गया था, लेकिन उसका काम तय समय से पीछे चल रहा था.

जुर्माने से बचने की कोशिश
सीबीआई प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा कि प्रोजेक्ट निर्धारित समय से पीछे चल रही थी. ऐसे में कंपनी पर जुर्माना लगने की तलवार लटक रही थी. जोशी ने कहा, ‘देरी के लिए जुर्माने से बचने के लिए कंपनी अपनी साइट के लिए अधिक से अधिक चीनी व्यक्तियों और पेशेवरों को लाने की कोशिश कर रही थी. ऐसे में उन्हें गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक वीजा की आवश्यकता थी.’

 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि बिजली कंपनी के प्रतिनिधि मखारिया ने कार्ति से अपने करीबी सहयोगी भास्कररमन के जरिए संपर्क किया. अधिकारियों ने कहा कि मखारिया ने कथित तौर पर गृह मंत्रालय को एक पत्र सौंपा जिसमें इस कंपनी को आवंटित परियोजना वीजा के दोबारा उपयोग के लिए मंजूरी मांगी गई थी, जिसे एक महीने के भीतर मंजूरी दे दी गई थी और कंपनी को अनुमति जारी कर दी गई थी. जोशी ने कहा कि भास्कररमन के माध्यम से कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसका भुगतान मनसा स्थित उक्त निजी कंपनी (तलवंडी साबो) ने किया था. (पीटीआई इनपुट के साथ)

Tags: Karti Chidambaram

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