जम्मू: अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में 11 जगहों पर सीबीआई का सर्च ऑपरेशन

जम्मू: अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में 11 जगहों पर सीबीआई का सर्च ऑपरेशन
उधमपुर जिले के टूरिस्ट लोकेशन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के केस में हाईकोर्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई की जा रही है. (फाइल)

सीबीआई की टीम ने जम्मू, उधमपुर, कठुआ समेत 11 जगहों पर सरकारी अधिकारियों के बंगलों, पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी के दफ्तर में भी सर्च ऑपरेशन चलाया. उधमपुर जिले के टूरिस्ट लोकेशन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के केस में हाईकोर्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 2:54 PM IST
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श्रीनगर. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने मंगलवार को अवैध निर्माण और अतिक्रमण (Encroachment) के मामलों में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के 11 जगहों पर सर्च ऑपरेशन किया. सीबीआई की टीम ने जम्मू, उधमपुर, कठुआ समेत 11 जगहों पर सरकारी अधिकारियों के बंगलों, पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी के दफ्तर में भी छापा मारा गया है. सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और भूमि अतिक्रमण के आरोपों पर दर्ज एक मामले के संबंध में की जा रही है. हाईकोर्ट के निर्देश पर ये कार्रवाई की जा रही है.

सीबीआई ने दिल्ली हेडक्वॉर्टर से 30 अधिकारियों की एक स्पेशल टीम श्रीनगर भेजी है, जो वन क्षेत्र में अतिक्रमण की जांच करेगी. इस संबंध में एक पूर्व मंत्री की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं.

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अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर 2019 के आदेश पर प्रारंभिक जांच करने को कहा था. अदालत ने 8 महीने के अंदर एजेंसी को जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ये आदेश पटनीटॉप के होटल और रेस्टूरेंट एसोसिएशन के चीफ की जनहित याचिका पर पारित किया गया था. याचिका में आरोप लगाया गया था कि पटनीटॉप क्षेत्र के मास्टर प्लान का उल्लंघन किया गया है. 70 फीसदी होटलों और रेस्टूरेंट के निर्माण अवैध तरीके से हुए हैं. याचिका में ये भी आरोप लगाया गया था कि 59 होटल और रिसॉर्ट मास्टर प्लान का उल्लंघन कर रहे हैं.

चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने अपने आदेश में एजेंसी को निर्देश दिया था कि वह इस मामले के सभी पहलुओं पर गौर करे और आठ सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करे.

बेंच पटनीटॉप के क्रिस्टल होटल के मालिक हरचरण सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मांग की गई है कि पहाड़ी रिसॉर्ट के हरित क्षेत्र में बनाए गए अवैध या अनधिकृत भवनों को ध्वस्त किया जाए.

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बेंच ने कहा था कि रिपोर्ट से पता चलता है कि इनमें से कई गेस्ट हाउस और होटल ऐसी भूमि का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो कृषि भूमि है और उस पर जम्मू कश्मीर कृषि सुधार अधिनियम, 1976 लागू होता है. (PTI इनपुट के साथ)
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