नारद स्टिंग ऑपरेशनः LS स्पीकर से मिलेगी CBI टीम, आरोपी TMC सांसदों पर जल्द कसेगा शिकंजा

जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के अधिकारियों के लोकसभा अध्यक्ष से मिलने की संभावना है. फाइल फोटो
(सांकेतिक तस्वीर)

जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के अधिकारियों के लोकसभा अध्यक्ष से मिलने की संभावना है. फाइल फोटो (सांकेतिक तस्वीर)

CNN News18 Exclusive: सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जल्द ही जांच एजेंसी पश्चिम बंगाल के कई ऐसे सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली है, जो इस स्टिंग ऑपरेशन में फंसे थे.

  • Share this:

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में नारद स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ी सीबीआई की कार्रवाई खत्म नहीं हुई है, बल्कि आने वाले वक्त में कई सांसदों की मुश्किलें भी बढ़ने वाली हैं. दरअसल सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जल्द ही जांच एजेंसी पश्चिम बंगाल के कई ऐसे सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली है, जो इस स्टिंग ऑपरेशन में फंसे थे, यानी जो पैसे लेकर डील कर रहे थे. इसी मसले के मद्देनजर सीबीआई की टीम कोर्ट में एक याचिका दायर करेगी कि इस मामले की तफ़्तीश को पश्चिम बंगाल से हटाकर किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर किया जाए, जिससे केंद्रीय जांच एजेंसी निष्पक्ष और बिना किसी खौफ/परेशानी/राजनीतिक दबाव के इस मामले की तफ्तीश कर सके.

इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण जानकारी ये भी मिली है कि केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के अधिकारियों की लोकसभा अध्यक्ष से मिलने की संभावना है. लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर सीबीआई के अधिकारी TMC से जुड़े कुछ सांसदों के खिलाफ तफ्तीश करने और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करने की मांग वाले आवेदन को लोकसभा अध्यक्ष को सौंप सकते हैं, उसके बाद उनकी सलाह और आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि नारद स्टिंग मामले में सीबीआई को बीजेपी नेता और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद शुभेंदु अधिकारी समेत चार नेताओं पर मुकदमा चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी का इंतजार है. अधिकारी ने कुछ लोगों द्वारा एजेंसी के खिलाफ लगाये गये पक्षपात करने के आरोपों को खारिज कर दिया. सीबीआई ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों फरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा, पूर्व पार्टी नेता शोभन चटर्जी को नारद मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. नारद मामले में ये नेता कथित तौर पर एक कैमरे में रिश्वत लेते हुए कैद हुए थे.

Youtube Video

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के चार नेताओं पर अभियोजन चलाने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद एजेंसी ने अपने आरोप-पत्र को अंतिम रूप दिया और उन्हें गिरफ्तार किया. अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने शुभेंदु अधिकारी, सौगत रॉय, प्रसून बनर्जी और काकोली घोष दस्तीदार पर अभियोजन के लिए लोकसभा अध्यक्ष से मंजूरी मांगी थी. जिस समय यह स्टिंग ऑपरेशन किया गया था, उस समय चारों तृणमूल कांग्रेस के सांसद थे. उन्होंने कहा, ‘‘हमें मामले में मंजूरी का इंतजार है.’’ अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके मुकुल रॉय का नाम इस सूची में नहीं है.

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने सोमवार की गिरफ्तारियों के बाद दावा किया था कि सीबीआई ने अधिकारी और रॉय को छोड़ दिया, क्योंकि वे बीजेपी में शामिल हो गये. तृणमूल कांग्रेस के एक और विधायक तापस रॉय ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद बदला लेने की कोशिश कर रही है. 2014 में यह स्टिंग ऑपरेशन करने वाले नारद समाचार पोर्टल के संपादक मैथ्यू सैमुअल ने भी सवाल उठाया कि अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी.




उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.’’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच इस स्तर पर सीबीआई की कार्रवाई को ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज