राजनीतिक संकट के बीच सीबीआई ने मणिपुर के पूर्व CM इबोबी सिंह को भेजा समन

इबोबी सिंह मणिपुर के निवर्तमान मुख्यमंत्री हैं. (तस्वीर फेसबुक से साभार)
इबोबी सिंह मणिपुर के निवर्तमान मुख्यमंत्री हैं. (तस्वीर फेसबुक से साभार)

अधिकारियों (CBI Officials) ने बताया कि यह मामला उस समय का है जब इबोबी सिंह (Okram Ibobi Singh) मणिपुर डेवलपमेंट सोसायटी (MDS) के अध्यक्ष थे. सीबीआई का एक दल इबोबी सिंह और अन्य लोगों से पूछताछ के लिए इंफाल पहुंच चुका है.

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नई दिल्ली. सीबीआई (CBI) ने कांग्रेस नेता और मणिपुर (Manipur) के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह (Okram Ibobi Singh) को 2009 से 2017 के बीच कथित तौर पर 332 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में बुधवार को पूछताछ के लिये समन (Summon) किया है. अधिकारियों ने बताया कि यह मामला उस समय का है जब सिंह मणिपुर डेवलपमेंट सोसायटी (एमडीएस) के अध्यक्ष थे. सीबीआई का एक दल इबोबी सिंह और अन्य लोगों से पूछताछ के लिए इंफाल पहुंच चुका है.

आज है पेशी
सीबीआई की तरफ से इबोबी सिंह को बुधवार को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है, वहीं अन्य आरोपियों को आने वाले दिनों में बुलाया जाएगा. गौरतलब है कि सीबीईआई की यह कार्रवाई मणिपुर में राजनीतिक अनिश्चितता के बीच हो रही है क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की सरकार बीते बुधवार को उस वक्त मुश्किल में घिर गई थी जब एनपीपी के चार मंत्रियों समेत नौ विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था.

एनपीपी के मंत्रियों के अलावा इस्तीफा देने वालों में बीजेपी के तीन बागी विधायकों के अलावा तृणमूल कांग्रेस का एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल है. कांग्रेस के नेतृत्व में नवगठित धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील मोर्चा (एसपीएफ) ने सरकार के बहुमत खो देने का दावा करते हुए विश्वास मत की मांग की है. बीजेपी ने अपने 21 विधायकों के साथ सरकार बनाने के लिए एनपीपी, नगा पीपुल्स फ्रंट, एक निर्दलीय और लोजपा व तृणमूल कांग्रेस के एक-एक सदस्य से हाथ मिलाया था.
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'पहले से चल रही कार्रवाई का हिस्सा'
पूछताछ के समय को लेकर सवाल किए जाने पर एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि यह पहले से चल रही जांच का हिस्सा है जिसमें कुछ लोगों से पहले ही पूछताछ हो चुकी है. सीबीआई ने पिछले साल 20 नवंबर को इस मामले की जांच प्रदेश की बीजेपी सरकार के अनुरोध पर शुरू की थी. अधिकारियों के मुताबिक ऐसा आरोप है कि इबोबी सिंह ने जून 2009 से जुलाई 2017 के बीच सोसाइटी का अध्यक्ष रहने के दौरान अन्य लोगों के साथ मिलकर विकास कार्यों के लिये मिले 518 करोड़ रुपयों में से करीब 332 करोड़ रुपये की हेराफेरी की.

सिंह के अलावा सीबीआई ने एमडीएस के तीन पूर्व अध्यक्षों – डी एस पूनिया, पीसी लॉमुकंगा, ओ नाबाकिशोर सिंह को भी मामले में आरोपी बनाया है. ये तीनों पूर्व आईएएस अधिकारी हैं. एफआईआर में सोसायटी के पूर्व परियोजना निदेशक वाई निंगथेम सिंह और उसके प्रशासनिक अधिकारी एस रंजीत सिंह का भी नाम है.
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