सुशांत सिंह केस: CBI ने मनोज शशिधर के नेतृत्व में बनाई SIT, दर्ज की गई FIR

सुशांत सिंह केस: CBI ने मनोज शशिधर के नेतृत्व में बनाई SIT, दर्ज की गई FIR
सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले में गुजरात कैडर (Gujarat Cadre) के आईपीएस मनोज शशिधर (Manoj Shashidhar) के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है. गुजरात कैडर की महिला आईपीएस अधिकारी गगनदीप गंभीर भी इस टीम का हिस्सा होंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 8:19 PM IST
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नई दिल्ली. सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में सीबीआई (CBI) औपचारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर ली है. सीबीआई के द्वारा इस मामले में एक एसआईटी (Special Investigation Team) का गठन किया गया है. इस मामले में गुजरात कैडर के आईपीएस मनोज शशिधर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है. गुजरात कैडर की महिला आईपीएस अधिकारी गगनदीप गंभीर भी इस टीम का हिस्सा होंगी. जो दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में ही कार्यरत हैं.

इस मामले में सीबीआई की टीम जल्द ही कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दे सकती है. इसके साथ फॉरेंसिक सबूतों को इकट्ठा करने के साथ- साथ उसको CFSL लैब में जांचने -परखने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी. इस मामले में तमाम सबूतों को जल्द से जल्द इकट्ठा करना बेहद आवश्यक है क्योंकि सीबीआई की तफ्तीश रिपोर्ट के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय की तफ्तीश निर्धारित है. ED की आगे की तफ्तीश CBI के कई महत्वपूर्ण इनपुट्स पर ही आधारित हो सकती है. क्योंकि CBI और ED दोनों जांच एजेंसियों के काम करने का तरीका और उसकी विशेषता अलग-अलग है.

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इस मामले को जांच करने वाली SIT टीम को आईपीएस अधिकारी मनोज शशिधर के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है.इस टीम में तीन प्रमुख जांच अधिकारियों के बारे में जानना भी बेहद आवश्यक है, जो प्रमुख इस प्रकार से हैं --
1994 बैच के मनोज शशिधर गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और सीबीआई में फिलहाल संयुक्त निदेशक (Joint Director ) पद पर कार्यरत हैं. गुजरात में मनोज शशिधर गुजरात में स्टेट खुफ़िया विभाग (state Intelligence Bureau ) में एडिशनल डीजी पद पर कार्यरत रह चुके हैं, इसके साथ ही गुजरात में वडोदरा के कमिश्नर भी रह चुके हैं, इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसी साल जनवरी महीने में सीबीआई में मनोज शशिधर संयुक्त निदेशक पद पर कार्यरत हुए थे. सीबीआई में पांच सालों के लिए कार्यकाल मिला है. अब सुशांत मामलों की तफ्तीश करने वाली एसआईटी को नेतृत्व करेंगें.

कौन हैं गगनदीप गंभीर?
2004 बैच और गुजरात कैडर की आईपीएस अधिकारी गगनदीप गंभीर सीबीआई की बेहद तेज तर्रार महिला अधिकारी हैं. पिछले कुछ सालों के दौरान सीबीआई में गगनदीप के नेतृत्व में कई बेहतरीन मामलों की तफ्तीश हुई है, जिसको बहुत कम ही वक्त में उन मामलों का समाधान भी किया गया है. स्पेशल क्राइम ब्रांच के पहले वो एसआईटी (Special Investigation Team) का भी हिस्सा रह चुकी हैं. कई हाई प्रोफाइल मामलों की तफ्तीश करने वाली एसआईटी में इन्होंने बहुत ही शानदार कार्य किया है. अगर मामलों की बात करें तो उत्तरप्रदेश में अवैध माइनिंग और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मामला, अगस्ता वेस्टलैंड डील मामला, विजय माल्या उसके बाद से संबंधित मामला, बिहार में हुए सृजन घोटाला सहित कई ऐसे दर्जनों मामले हैं, जिसकी तफ्तीश को बहुत ही बेहतर तरीके से अंजाम दिया गया था. एसआईटी में जब जॉइंट डायरेक्टर साईं मनोहर नेतृत्व कर रहे थे, तब उस वक्त ही गगनदीप टीम में शामिल हुई थीं. यहां तक की राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा मामले के बाद राकेश अस्थाना से जुड़े मसले की जांच का जिम्मा गगनदीप को ही दिया गया था.

इनके अलावा एडिशनल डायरेक्टर प्रवीण सिन्हा केस को सीधे मॉनीटर करेंगे



केंद्र ने बुधवार को दी सीबीआई जांच की मंजूरी
बता दें केंद्र ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई से जांच कराने की बिहार सरकार की सिफारिश को बुधवार को मंजूरी दे दी. वहीं उच्चतम न्यायालय ने सुशांत को प्रतिभाशाली कलाकार बताते हुए कहा कि उनकी मृत्यु के कारणों की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए. 34 साल के सुशांत की 14 जून को मुंबई में मौत हो गयी थी. उसके बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया. महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना नीत गठबंधन को सीबीआई जांच का कदम पसंद नहीं आया और राकांपा नेता नवाब मलिक ने बिहार की याचिका पर न्याय अधिकार क्षेत्र का मुद्दा उठाया. (भाषा के इनपुट के साथ)
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