कोरोना संक्रमित छात्रों को सीबीएसई ने दी राहत, 11 जून तक दे सकेंगे प्रेक्टिकल परीक्षाएं

सीबीएसई ने बढ़ते कोरोना मामलों और स्‍कूलों में चल रहींं प्रायोगिक परीक्षाओं को देखते अहम आदेश जारी किया है.

सीबीएसई ने बढ़ते कोरोना मामलों और स्‍कूलों में चल रहींं प्रायोगिक परीक्षाओं को देखते अहम आदेश जारी किया है.

CBSE Practical Exams: सीबीएसई की ओर से जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है कि अगर कोई बच्‍चा कोरोना पॉजिटिव होता है या उसके परिवार में कोई कोरोना से संक्रमित है तो स्‍कूल उस बच्‍चे की प्रायोगिक परीक्षा बाद में करा सकता है. लेकिन यह परीक्षा रीजनल ऑफिस में जानकारी देने के बाद 11 जून 2021 तक करानी होगी.

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नई दिल्‍ली. केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देशभर में बढ़ रहे कोरोना (Corona) के मामलों और इससे परेशान हो रहे बच्‍चों को देखते हुए अहम आदेश जारी किया है. स्‍कूलों में चल रही प्रायोगिक परीक्षाओं को देखते हुए सीबीएसई ने मान्‍यता प्राप्‍त सभी स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों के लिए सर्कुलर जारी किया है. जिसमें कोरोना संक्रमित छात्रों (Covid infected students) को राहत देने का फैसला किया गया है.

सीबीएसई (CBSE) की ओर से जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है कि अगर कोई बच्‍चा कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) है या उसके परिवार में कोई कोरोना से संक्रमित है और वह बच्‍चा प्रेक्टिकल परीक्षाओं (Practical Exams) के लिए आने में असमर्थ है तो स्‍कूल उस बच्‍चे की प्रायोगिक परीक्षा बाद में करा सकता है. लेकिन यह परीक्षा रीजनल ऑफिस में जानकारी देने के बाद 11 जून 2021 तक करानी होगी.

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सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में बताया कि सर्कुलर में तीन आदेश और दिए गए हैं. जिनमें कोरोना के चलते अगर कोई बच्‍चा या उसका परिवार किसी दूसरे शहर या देश में शिफ्ट हो रहा है और वह सीबीएसई से प्रेक्टिकल सेंटर बदलने की मांग करता है तो उसे भी पूरा किया जाएगा, यह भी शामिल है. इसके साथ ही अगर कोई बच्‍चा प्रेक्टिकल के दौरान अनुपस्थित रहता है तो स्‍कूल को बिना फेल किए 11 जून तक उसकी दोबारा परीक्षा करानी होगी.
डॉ. भारद्वाज कहते हैं कि सीबीएसई किसी भी बच्‍चे के साल का नुकसान नहीं होने देना चाहता. इसके लिए छात्रों को राहत दी गई है. वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा मानकों का भी पालन कराया जा रहा है. ऐसे में फिर से एकबार सभी स्‍कूलों और शिक्षा संस्‍थानों को कोविड गाइडलाइंस का पालन करने के भी आदेश दिए गए हैं. प्रभावित बच्‍चों को राहत देने का फैसला किया गया है.

सीबीएसई की ओर से जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है कि अगर कोई बच्‍चा कोरोना पॉजिटिव होता है या उसके परिवार में कोई कोरोना से संक्रमित है और वह बच्‍चा प्रेक्टिकल परीक्षाओं के लिए आने में असमर्थ है तो स्‍कूल उस बच्‍चे की प्रायोगिक परीक्षा बाद में करा सकता है. लेकिन यह परीक्षा रीजनल ऑफिस में जानकारी देने के बाद 11 जून 2021 तक करानी होगी.

सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में बताया कि सर्कुलर में तीन आदेश और दिए गए हैं. जिनमें कोरोना के चलते अगर कोई बच्‍चा या उसका परिवार किसी दूसरे शहर या देश में शिफ्ट हो रहा है और वह सीबीएसई से प्रेक्टिकल सेंटर बदलने की मांग करता है तो उसे भी पूरा किया जाएगा, यह भी शामिल है. इसके साथ ही अगर कोई बच्‍चा प्रेक्टिकल के दौरान अनुपस्थित रहता है तो स्‍कूल को बिना फेल किए 11 जून तक उसकी दोबारा परीक्षा करानी होगी.



डॉ. भारद्वाज कहते हैं कि सीबीएसई किसी भी बच्‍चे के साल का नुकसान नहीं होने देना चाहता. इसके लिए छात्रों को राहत दी गई है. वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा मानकों का भी पालन कराया जा रहा है. ऐसे में फिर से एकबार सभी स्‍कूलों और शिक्षा संस्‍थानों को कोविड गाइडलाइंस का पालन करने के भी आदेश दिए गए हैं.
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