कोरोना का मुकाबला करने के लिए भारत को हर दिन करने होंगे 10 लाख टेस्ट- CCMB चीफ

कोरोना का मुकाबला करने के लिए भारत को हर दिन करने होंगे 10 लाख टेस्ट- CCMB चीफ
देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Mohfw) के आंकड़ों के अनुसार, 10 से 14 जून के बीच देशभर में 1.15 लाख और 1.5 लाख लोगों की रोजाना टेस्टिंग होती है.

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नई दिल्ली. देश में कोविड-19 (Coronavirus) का मुकाबला करने के लिए 89 लाख के करीब टेस्टिंग की जा चुकी है. हालांकि, सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के निदेशक राकेश मिश्रा के अनुसार कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए भारत को अपनी टेस्टिंग क्षमता लगभग 10 गुना बढ़ानी होगी. उन्होंने यह बात सोमवार को तेलंगाना (Telangana) के राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन और अन्य के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कही.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 से 14 जून के बीच देशभर में 1.15 लाख और 1.5 लाख लोगों की रोजाना टेस्टिंग होती है. मिश्रा ने कहा, 'यह (परीक्षण) एक लाख से अधिक होना चाहिए और प्रति दिन दस लाख हो सकता है.'

मुंबई के धारावी में की गई ज्यादा टेस्टिंग
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मिश्रा ने कहा कि 'जिस तरह से मुंबई के धारावी में अधिक टेस्टिंग के साथ कोविड को नियंत्रित किया गया वैसा ही करने की जरूरत है.'  उन्होंने कहा, 'टेस्टिंग की विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके प्रति दिन 10 लाख परीक्षण संभव है. आरटी पीसीआर विधि में अगर सब कुछ सावधानीपूर्वक किया जाता है तो रिजल्ट 8 घंटे में आ जाता है. आरएनए अलग करने की प्रक्रिया में बहुत समय लगता है.अन्य तरीकों में, आरएनए के अलग करने की जरूरत नहीं है. इसलिए रिजल्ट आने में आधा से भी ज्यादा कम समय लगता है.
CCMB के निदेशक ने कहा 'CCMB सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं. हम अपने मॉडल के लिए अनुमति मांग रहे हैं. सरकार टेस्टिंग के लिए नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल कर सकती है, जिसमें एक बार में 10,000 टेस्टिंग किए जा सकते हैं.'



मिश्रा के मुताबिक टेस्टिंग की लागत में भी धीरे-धीरे कमी आएगी. उन्होंने यह भी कहा कि देश में वायरस के 'कम खतरनाक' या 'अधिक खतरनाक' स्ट्रेन्स नहीं हैं और भारतीय में 'कुल मृत्यु दर कम' है.
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