चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा बोले- 'बैलेट पेपर पर लौटकर जाने का सवाल ही नहीं'

सुनील अरोड़ा कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कोलकाता पहुंचे.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 7:27 PM IST
चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा बोले- 'बैलेट पेपर पर लौटकर जाने का सवाल ही नहीं'
सुनील अरोड़ा कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कोलकाता पहुंचे.
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Updated: August 9, 2019, 7:27 PM IST
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेशों का हवाला देते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव केंद्रीय मंत्रालयों से औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद ही होंगे.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने बार-बार दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई है.

अरोड़ा ने कोलकाता हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, 'हम बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं जाने वाले. सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि मतपत्र हमारे अतीत हैं.' बता दें पश्चिम बंगाल की सीएम बनर्जी ने अक्सर कहा है कि ईवीएम का उपयोग पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे विकसित देशों में किया जाता था, लेकिन वे सभी मतपत्रों पर लौट आए.

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कोलकाता पहुंचे थे अरोड़ा

अरोड़ा शुक्रवार और शनिवार को पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज और आईआईएम (कलकत्ता) द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शहर में पहुंचे. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और कानून और न्याय मंत्रालय से औपचारिक संचार प्राप्त होने के बाद ही ऐसा हो सकता है. उन्होंने कहा 'हम गृह और कानून मंत्रालयों से औपचारिक संचार की प्रतीक्षा कर रहे हैं.'

केंद्र ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द कर दिया था जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया. जम्मू और कश्मीर डिवीजन में शामिल यूटी में दिल्ली की तरह एक विधान सभा होगी, जबकि लद्दाख में चंडीगढ़ जैसा होगा.
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यह पूछे जाने पर कि क्या असम में बेहद विवादित मुद्दा नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा, अरोड़ा ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट देख रहा है. उन्होंने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाए. फिलहाल यह असम के लिए है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला नहीं दिया है. मैं फैसला नहीं दे सकता और पूर्वानुमान नहीं लगा सकता.'

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First published: August 9, 2019, 7:03 PM IST
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