सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने वाली याचिका हो खारिज, लॉकडाउन के पहले से चल रहा काम- कोर्ट से केंद्र

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है, जिस पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. (फाइल फोटो)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है, जिस पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से सेंट्रल विस्टा (Central Vista) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से सेंट्रल विस्टा (Central Vista) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है. केंद्र ने मंगलवार को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य को रोकने की मांग वाली याचिका पर जवाब दिया. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा. हाईकोर्ट ने केंद्र के जवाब को रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया है.

सुनवाई के दौरान केंद्र ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत चल रहे काम का बचाव किया और कहा कि परियोजना के निर्माण को रोकने की मांग करने वाली याचिका 'कानून की प्रक्रिया का सरासर दुरुपयोग है और परियोजना को रोकने के लिए एक और प्रयास है.' केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज करने का आग्रह किया.

केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि 19.04.2021 के डीडीएमए आदेश के अनुसार, कर्फ्यू के दौरान उन निर्माण कार्यों की अनुमति है जहां मजदूर निर्माण स्थल पर ही रहते हैं. सरकार ने इस दावे का भी खंडन किया कि सराय काले खा कैंप से श्रमिकों को रोज लाया जाता है. सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में काम नवंबर 2021 तक पूरा होना है. केंद्र ने आगे कहा, 'परियोजना पर काम करने वाले श्रमिक सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अन्य सभी कोविड नियमों का पालन कर रहे हैं.'

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क्या है सेंट्रल विस्टा?

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत जारी निर्माण कार्य को रोकने के लिए आन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने याचिका दाखिल की है. याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में पूछा है, 'परियोजना क्यों या कैसे 'आवश्यक सेवा’ है. महामारी के इस दौर में इस परियोजना में बड़े पैमाने पर जनता के लिए कोई 'सर्विस' नहीं है और ना ही यह 'आवश्यक कार्य' है.'

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने पिछले हफ्ते चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामला प्रस्तुत किया था. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता इस परियोजना को रोकने की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि महामारी के दौरान इसके निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक चाहते हैं.




इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है.

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