सरकारी जमीनों को बेचने जा रही है सरकार, 29 लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट तैयार

मौजूदा सरकार पिछले कार्यकाल में बजट में बताए गए विनिमेश के लक्ष्य से ज्यादा जुटाकर मिसाल पेश कर चुकी है.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 1:42 PM IST
सरकारी जमीनों को बेचने जा रही है सरकार, 29 लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट तैयार
मौजूदा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में साल 2018-19 में 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था.
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Updated: July 8, 2019, 1:42 PM IST
केंद्र सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में राजकोष को भरने के लिए विनिमेश की नीति को जारी रखेगी. इसके तहत सरकार जल्द ही सरकारी कंपनियों की संपत्तियों का विनिमेश करने जा रही है. इनमें खासतौर पर सरकारी जमीनों के विनिमेश का मसौदा तैयार कर लिया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट पब्लिक असेट्स मैनेजमेंट के सचिव अतनु चक्रवर्ती के हवाले से यह बताया गया है आगामी दो सप्ताह के भीतर इससे संबंधित घोषणाएं कर दी जाएंगी. विनिमेश के लिए 29 सरकारी कंपनियों की लिस्ट पहले से तैयार कर ली गई है.

अतनू चक्रवर्ती के मुताबिक, 'सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में सरकारी जमीनों को बेचकर एक लाख करोड़ रुपये जुटाने के लिए एक रणनीतिक विनिमेश के लिए तैयार है. इसके लिए उन 29 कंपनियों की सूची बनाई जा चुकी है, जिनकी संपत्त‌ियों को प्राइवेट कंपनियों को बेचा जाएगा.' बताया जा रहा है कि कुल 29 कंपिनयों की कुछ हिस्सेदारियां प्राइवेट कंपनियों को बेच दी जाएंगी. इसके लिए अगले सप्ताह तक ही तीन नये प्रस्तावों के ऐलान होने की संभवना है.

अतनू चक्रवर्ती बताते हैं, 'इसकी आहट बजट के दिन ही मिली थी. बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसे उपाय सुझाए थे जिनमें लिस्टेड कंपनियों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाए जाने की बात थी. सरकार की मान्यता है कि ऐसा करने से इक्व‌िटी बाजार से पैसे जुटाने में आसानी होती है.'

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पहले ही हो चुकी है एयर इंडिया की बिक्री
अतनु चक्रवर्ती के अनुसार इस विनिवेश को पूरी तरीकी से रणनीतिक स्‍तर पर अंजाम दिया जाएगा. सरकार बेहद सावधानी से एक-एक कर के आगे बढ़ेगी. इसकी एक बानगी सरकार ने एयर इं‌डिया के विनिमेश से पहले ही दे चुकी है. लेकिन आगामी एक-दो एक सप्ताह में इसी स्तर के तीन अन्य बिक्री प्रस्तावों के बारे में खुलासा हो सकता है.


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पहले बाजार को तोलेगी सरकार
जानकारी के अनुसार सरकार अचानक पूरी बिक्री का प्रस्ताव लेकर नहीं आएगी. सरकार शुरुआत में कुछ जमीनों के बिक्री के लिए एक कन्वेयर बेल्ट होगी जिसके अनुसार यह तय किया जाएगा कि सरकार के अपेक्षानुरूप बिक्री हो रही है अथवा नहीं. अगर सबकुछ ठीक रहा तो सरकार बिक्री को तेज कर देगी.

बजट में हुआ था जिक्र, विन‌िमेश एक लाख करोड़ जुटाने का है लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि पांच जुलाई को बजट के दौरान वित्त मंत्री ने देश को बताया था कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में विनिवेश के द्वारा कुल 1.05 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. इसका आशय है कि आगामी दिनों में सरकार विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से सरकारी हिस्सेदारियों को बेचेगी.

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पहले ही सरकार पेश कर चुकी है मिसाल
मौजूदा सरकार पिछले कार्यकाल में बजट में बताए गए विनिमेश के लक्ष्य से ज्यादा जुटाकर मिसाल पेश कर चुकी है. उल्लेखनीय है कि मौजूदा सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में साल 2018-19 में 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन इस दौरान सरकार ने कुल 84972.16 करोड़ जुटा लिए थे. उल्लेखनीय है कि इस बार बजट में लिस्टेड कंपनियों में जनता की हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया था. सरकार की मान्यता है कि ऐसा करने से लंबे समय के लिए पैसा जुटाया जा सकता है.
First published: July 8, 2019, 1:42 PM IST
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