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खुले में घूम रहा है खुद को CJI बताने वाला शख्स, इसलिए जरूरी है निगरानीः सरकार

खुले में घूम रहा है खुद को CJI बताने वाला शख्स, इसलिए जरूरी है निगरानीः सरकार

सीजेआई रंजन गोगोई (File Photo- PTI)

सीजेआई रंजन गोगोई (File Photo- PTI)

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नाम पर बने फेक ट्विटर अकाउंट का जिक्र करते हुए सरकार ने कहा, "आरोपी खुले में घूम रहे हैं क्योंकि सर्विस प्रोवाइडर्स ने ऐसे लोगों के बारे में जानकारी साझा नहीं की है जो इस तरह के कंटेंट पोस्ट कर रहे हैं. "

    देबायन रॉय

    केंद्र सरकार ने एजेंसियों को किसी भी कम्प्यूटर के डेटा की निगरानी का अधिकार देने के अपने फैसले का बचाव किया है. सरकार ने कहा कि ट्विटर पर एक व्यक्ति ने खुद को सीजेआई बताकर लोगों को बेवकूफ बनाया और वह अभी तक खुले में घूम रहा है. इसलिए किसी भी सिस्टम में रखे किसी भी प्रकार के डेटा पर नजर रखना जरूरी है.

    सरकार ने कहा कि कुछ गड़बड़ियां भी देखी गई हैं. अनधिकृत व्यक्तियों के पास नागरिकों के कॉल रिकॉर्ड की डिटेल्स मिली हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नाम पर बने फेक ट्विटर अकाउंट का जिक्र करते हुए सरकार ने कहा, "आरोपी खुले में घूम रहे हैं क्योंकि सर्विस प्रोवाइडर्स ने ऐसे लोगों के बारे में जानकारी साझा नहीं की है जो इस तरह के कंटेंट पोस्ट कर रहे हैं. "

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    सरकार ने यह साफ किया है कि 10 केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कम्प्यूटर में स्टोर किए गए डेटा की निगरानी का अधिकार देने का फैसला जरूरी है क्योंकि कई बार पूरी प्रक्रिया फॉलो करने के बाद भी आरोपियों को ट्रेस करने के लिए जरूरी जानकारी मिलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

    सरकार ने कहा, "कई तकनीकी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल आतंकी प्रोपागैंडा फैलाने और आतंकियों की भर्ती के लिए किया जा रहा है. बार-बार अनुरोध के बावजूद सोशल मीडिया और मैसेजिंग सर्विस प्रोवाइडर इस तरह का कंटेंट पोस्ट करने वालों की जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं."

    क्या है केंद्र का आदेश?
    बता दें केंद्र सरकार ने 10 केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में रखे गए सभी डेटा की निगरानी करने और उन्हें देखने के अधिकार दे दिए हैं. सरकार ने कहा कि ‘इन शक्तियों के अनधिकृत इस्तेमाल’ पर रोक लगाने के मकसद से यह कदम उठाया गया. केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग द्वारा गुरुवार देर रात गृह सचिव राजीव गाबा के जरिए यह आदेश जारी किया गया. मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि नया आदेश किसी सुरक्षा या कानून लागू कराने वाली एजेंसी को कोई नई शक्ति नहीं दे रहा.

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    अधिकारियों ने बताया कि आदेश के मुताबिक, 10 केंद्रीय जांच और खुफिया एजेंसियों को अब सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत किसी कंप्यूटर में रखी गई जानकारी देखने, उन पर नजर रखने और उनका विश्लेषण करने का अधिकार होगा.

    Tags: Central government, Chief Justice of India, Justice Ranjan Gogoi, Supreme Court

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