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केंद्र सरकार की राज्यों को सलाह- वैक्सीन की कमी नहीं, दूसरी डोज के लिए बचाकर न रखें

1 अप्रैल से वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू हुआ है.

1 अप्रैल से वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू हुआ है.

Vaccination 3rd Phase: केंद्र सरकार (Central Government) ने राज्यों को भरोसा दिया है कि वे खपत को देखते हुए लगातार स्टॉक की भरपाई करते रहेंगे. आरएस शर्मा ने कहा, 'दूसरी डोज के लिए वैक्सीन को बचाकर रखने का कोई मतलब नहीं है.'

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नई दिल्ली. देश में बढ़ते कोरोना वायरस (Coronavirus) मामलों के बीच सरकार ने वैक्सिनेशन का तीसरा चरण शुरू कर दिया है. केंद्र ने राज्य सरकारों से दूसरी डोज के लिए वैक्सीन नहीं बचाने के लिए कहा है. साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐसे इलाकों की पहचान की जाए, जहां वैक्सीन की संख्या कम है और टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की तरफ काम किया जाए. इस दौरान केंद्र सरकार ने उन जिलों पर खास फोकस करने के लिए कहा है, जहां मामलों में लगातार बढ़त देखी जा रही है. गुरुवार से देशभर में वैक्सीन का तीसरा फेज शुरू हो चुका है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ आरएस शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैयारियों का जायजा लिया. साथ ही उन्होंने बताया है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है और वैक्सीन को प्रोत्साहित करने के लिए निजी अस्पतालों से तत्काल स्टॉक तैयार करने की अपील की है. आंकड़े बताते हैं कि देश में 5.5 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन का कम से कम एक डोज मिल गया है.

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राज्य सरकारों को दिया स्टॉक का भरोसा
केंद्र सरकार ने राज्यों को भरोसा दिया है कि वे खपत को देखते हुए लगातार स्टॉक की भरपाई करते रहेंगे. शर्मा ने कहा, 'दूसरी डोज के लिए वैक्सीन को बचाकर रखने का कोई मतलब नहीं है और राज्य तत्काल मांग कर रहे सरकारी और निजी अस्पतालों में सप्लाई पूरी करें.' खास बात है कि वीकेंड और होली के बाद 30 मार्च को करीब 20 लाख वैक्सीन शॉट्स लगाए गए हैं.

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वैक्सीन की बर्बादी को लेकर भी दी गई सलाह
कुछ समय से राज्यों में वैक्सीन बर्बाद किए जाने की खबरें सामने आ रही थीं. इसके बाद केंद्र सरकार ने इसके संबंध में कदम उठाने के लिए कहा है. केंद्र ने कहा है कि वैक्सीन वेस्ट 1 फीसदी के अंदर रखने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए. फिलहाल वैक्सीन वेस्टेज का औसत 6 फीसदी है. साथ ही राज्यों को स्टोरेज के किसी भी स्तर पर वैक्सीन स्टॉक इकट्ठा नहीं करने के लिए कहा गया है.

इस दौरान केंद्र ने टीकाकरण कार्यक्रम में और ज्यादा निजी अस्पतालों के शामिल होने पर जोर दिया है. बुधवार को निजी अस्पतालों पर टीकाकरण के 6 हजार 457 सत्र ही हो सके. वहीं, सरकारी अस्पतालों में यह आंकड़ा 42 हजार 502 था. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि बुधवार शाम तक देश में 6.4 करोड़ वैक्सीन के डोज दिए जा चुके थे.
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