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केंद्र ने 11 PSUs से पूछा-क्‍या EC अशोक लवासा ने ऊर्जा मंत्रालय में रहते किया था पद का दुरुपयोग

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 6:01 PM IST
केंद्र ने 11 PSUs से पूछा-क्‍या EC अशोक लवासा ने ऊर्जा मंत्रालय में रहते किया था पद का दुरुपयोग
चुनाव आयुक्‍त अशोक लवासा के मुताबिक, उन्‍हें ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए ऐसे किसी गोपनीय पत्र की जानकारी नहीं है.

ऊर्जा मंत्रालय (Power Ministry) ने उन 14 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) को भी गोपनीय पत्र भेजा है, जिनमें चुनाव आयुक्‍त अशोक लवासा (EC Ashok Lavasa) की पत्‍नी नोएल (Novel) निदेशक रही थीं. आईएएस (IAS) अधिकारी अशोक लवासा 2009 से 2013 तक ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव (Joint Secretary), अतिरिक्‍त सचिव (Additional Secretary), विशेष सचिव (Special Secretary) रहे थे. उनकी पत्‍नी एसबीआई से 2005 में रिटायर हो गई थीं.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 6:01 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की 11 कंपनियों को पता लगाने को कहा है कि क्‍या चुनाव आयुक्‍त अशोक लवासा (EC Ashok Lavasa) ने 2009 से 2013 के बीच ऊर्जा मंत्रालय में रहते हुए उन पर किसी तरह का गलत दबाव (Undue Influence) डाला था. सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के मुख्‍य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer) को ऊर्जा सचिव की अनुमति के साथ इस संबंध में गोपनीय पत्र भेज दिया गया है. आरोप है कि अशोक लवासा ने ऊर्जा मंत्रालय में रहते हुए कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया. बता दें कि आईएएस अधिकारी अशोक लवासा सितंबर 2009 से दिसंबर 2013 तक ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव (Joint Secretary), अतिरिक्‍त सचिव (Additional Secretary), विशेष सचिव (Special Secretary) रहे थे.

लवासा ने पीएम मोदी और अमित शाह को क्‍लीनचिट का किया था विरोध
अशोक लवासा के मुताबिक, उन्‍हें ऊर्जा मंत्रालय (Power Ministry) की ओर से जारी किए गए ऐसे किसी गोपनीय पत्र (Confidential Letter) की अभी तक जानकारी नहीं है. लिहाजा, वह इस पर कोई टिप्‍पणी नहीं कर सकते. इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पत्र 29 अगस्‍त, 2019 को जारी किया गया था. अशोक लवासा मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त सुनील अरोड़ा (CEC Sunil Arora) के बाद दूसरे सबसे वरिष्‍ठ अधिकारी हैं. लवासा लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) के दौरान तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्‍होंने आचार संहिता उल्‍लंघन की पांच शिकायतों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह (Amit Shah) को क्‍लीनचिट देने का विरोध किया था.

उन कंपनियों को भी भेजा पत्र, जिनमें निदेशक रहीं लवासा की पत्‍नी नोएल

केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC), नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC Limited), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC) को अशोक लवासा के पद का दुरुपयोग करने की जानकारी जुटाने का पत्र भेजा है. इसके अलावा 14 ऐसी कंपनियों को भी यह पत्र भेजा गया है, जिनमें अशोक लवासा की पत्‍नी नोएल लवासा (Novel Lavasa) डायरेक्‍टर रह चुकी हैं. पत्र के साथ उन परियोजनाओं (Projects) की सूची भी भेजी गई है, जिनमें लवासा या उनकी पत्‍नी शामिल थीं.

आयकर विभाग ने लवासा परिवार के तीन सदस्‍यों को भेजा नोटिस
आयकर विभाग (Income Tax Department) ने सितंबर की शुरुआत में लवासा परिवार के तीन सदस्‍यों को नोटिस जारी किया था. इनमें नोएल लवासा भी शामिल थीं. उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्‍होंने अपनी आय की घोषणा (Non-declaration of income) नहीं की थी. साथ उनके पास उनकी आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) है. नोएल लवासा को भेजा गया नोटिस कई कंपनियों के स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में उनकी आय से संबंधित था. सूत्रों के मुताबिक, अशोक लवासा के भारत सरकार में सचिव बनाए जाने के बाद नोएल को कई कंपनियों में स्‍वतंत्र निदेशक बना दिया गया था. नोएल स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से 2005 में रिटायर हो गई थीं.
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First published: November 5, 2019, 5:51 PM IST
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