अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भी मिलेगा केंद्र की इन 85 योजनाओं का लाभ

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Updated: August 26, 2019, 4:57 PM IST
अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भी मिलेगा केंद्र की इन 85 योजनाओं का लाभ
अब केंद्रीय 85 कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भी मिलेगा (फाइल फोटो)

कम से कम 85 केंद्रीय योजनाओं (Central Schemes) का लाभ अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Jammu-Kashmir and Ladakh) को भी मिलेगा. इस जानकारी की घोषणा रविवार को जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने की है.

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कम से कम 85 केंद्रीय योजनाओं (Central Schemes) का लाभ अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Jammu-Kashmir and Ladakh) को भी मिलेगा. इन योजनाओं में किसानों की भलाई (Welfare of Farmers) की भी योजनाएं शामिल हैं. इस जानकारी की घोषणा रविवार को जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने की है.

मलिक, जो की नई दिल्ली में थे, वे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में आए हुए थे. उन्होंने कहा, अगर संचार के साधनों को बंद रखने से जान बचती हो, तो इसमें नुकसान क्या है? पहले, जब भी कश्मीर में कोई मुसीबत सामने आई है, कम से कम 50 लोगों को पहले ही हफ्ते में अपनी जान गंवानी पड़ती थी. हमारा रवैया ऐसा है कि किसी भी इंसानी जिंदगी का नुकसान न हो. अभी अगले 10 दिनों तक भी कोई फोन संचार व्यवस्था (Communication System) नहीं होगी. हम जल्दी ही हर व्यवस्था को बहाल कर देंगे.

सचिवालय से उतारा गया जम्मू-कश्मीर का झंडा, रही शांति
इकॉनमिक टाइम्स
की एक रिपोर्ट के अनुसार सत्यपाल मलिक ने इस दौरान ही इन केंद्रीय योजनाओं के लाभ की जानकारी दी. इससे पहले रविवार को राज्य प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर का झंडा (Flag of Jammu-Kashmir) श्रीनगर में सचिवालय भवन (State Secretariat) से उतार दिया था. अब सचिवालय की इमारत पर केवल तिरंगा लगा हुआ है. एक अधिकारी ने कहा है कि अब सभी सरकारी कार्यालयों पर सिर्फ तिरंगा लहराएगा और राज्य के झंडे को हटा दिया जाएगा.

जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि घाटी में परिस्थितियां कुछ घटनाओं को छोड़कर ज्यादातर शांत रही हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कल देर शाम एक ट्वीट में कहा, "आज परिस्थितियां शांतिपूर्ण रहीं. किसी बड़ी घटना की जानकारी कहीं से भी नहीं आई."

दवाओं की 65% से दुकानें खुलीं, कोई कमी नहीं
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को बताया कि 80% दवाओं की दुकानें खुली हुई हैं और सभी जरूरी दवाएं उनमें मौजूद हैं. एक बयान में, केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने कहा, "कम से कम 1,165 दवाओं की दुकानें (कुल 1,666 दवाओं की दुकानों में से) श्रीनगर में खुली रहीं. कश्मीर घाटी में, 4331 दवाओं की दुकानें (कुल 7,630 दवाओं की दुकानों में से) खुली हुई हैं. जो कि कश्मीर में मौजूद कुल दुकानों की 65% हैं."
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एक बयान में कहा गया, "कुल 376 नोटिफाई की गई दवाएं सरकारी और प्राइवेट दवाओं की दुकानों पर उपलब्ध हैं. 62 अत्यंत जरूरी दवाओं (Life Saving Drugs) की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है. 23.81 करोड़ रुपये की दवाओं को पिछले 20 दिनों में छोटे-छोटे दवाओं के रिटेलर तक भी पहुंचाया गया है. यह महीने के औसत से थोड़ा ज्यादा है."

पूरी की गई बेबी फूड की कमी, आपूर्ति के लिए अफसर तैनात
राज्य सरकार ने एक बयान में कहा, "करीब 2 दिनों तक घाटी में बेबी फूड की कमी थी. नया स्टॉक अब आ गया है. जो कि कम से कम अगले तीन हफ्तों के लिए काफी होगा... तीन लोगों को जम्मू और चंडीगढ़ (Chandigarh) में दवाओं और बेबी फूड की तेज सप्लाई के लिए तैनात किया गया है. SDM ईस्ट नोडल ऑफिसर घाटी में इनकी सप्लाई की देखरेख कर रहे हैं."

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि घाटी में इन चीजों के ऑर्डर के बाद सप्लाई का टाइम औसतन 14 से 18 घंटे है क्योंकि कश्मीर में दवाओं की डिलिवरी करने वाला ज्यादातर डिस्ट्रीब्यूटर जम्मू बेस्ड हैं. इसी बयान में यह भी कहा है कि दवाओं को ज्यादा दामों पर बेचे जाने का भी कोई मामला सामने नहीं आया है.

जबकि प्रतिनिधिमंडल के साथ कांग्रेसी नेता राहुल गांधी(Rahul Gandhi) को रविवार को श्रीनगर में घुसने से रोक दिया गया था. उन्होंने एक ट्वीट में कहा था, विपक्ष के नेताओं और प्रेस के लोगों को श्रीनगर जाने का प्रयास करते समय प्रशासनिक क्रूरता और जम्मू कश्मीर के लोगों पर किये जा रहे बल के बर्बर प्रयोग का अहसास हुआ.

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First published: August 26, 2019, 4:57 PM IST
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