सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर कांग्रेस के वार पर केंद्र सरकार का पलटवार- हम अपनी प्राथमिकताएं जानते हैं

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है, जिस पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. फाइल फोटो

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है, जिस पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. फाइल फोटो

Central Vista Project: सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का बेहद ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. इसके तहत लुटियंस दिल्ली में अंग्रेजों के बनाए 3.2 किलोमीटर की पट्टीनुमा इलाके को पुनः विकसित किया जाना है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही कांग्रेस को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जवाब दिया है. पुरी ने कई ट्वीट्स के माध्यम से बताया है कि केंद्र सरकार कोरोना महामारी के खात्मे को लेकर भी काम कर रही है. पुरी ने लिखा, "सेंट्रल विस्टा पर कांग्रेस की बातें विचित्र हैं. सेंट्रल विस्टा की लागत कई वर्षों से लगभग करीब 20,000 करोड़ है. भारत सरकार ने टीकाकरण के लिए लगभग उससे दोगुनी राशि आवंटित की है! इस वर्ष भारत का स्वास्थ्य बजट 3 लाख करोड़ से अधिक था. हम अपनी प्राथमिकताएं जानते हैं."

पुरी ने आगे लिखा, "विभिन्न विभागों द्वारा सैकड़ों परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं. कांग्रेस के नीतिगत पक्षाघात के समय के विपरीत, शासन ठहरा हुआ नहीं है. सेंट्रल विस्टा एक ऐसी ही चालू परियोजना है. यह केवल कांग्रेस है जो इसके बारे में ये सब कह रही है, कोई और नहीं." उन्होंने लिखा, "इसके अलावा, केवल नए संसद भवन और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के कायाकल्प के लिए अब तक क्रमशः 862 करोड़ और 477 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत रखी गई है. जैसा कि मैंने कहा, सेंट्रल विस्टा परियोजना में कई घटक हैं जो कई वर्षों में फैले हुए हैं."


पुरी ने कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, "वे झूठ फैलाकर अपने राज्यों में शासन की ऐतिहासिक विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं. इसलिए वे ये जानने के बावजूद कि इस परियोजना में हजारों कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर रहे हैं, सस्ती राजनीति में लिप्त हैं."
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बन रही सरकारी इमारतों को लेकर निशाना

पुरी ने कांग्रेस पर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में हो रहे इसी तरह के निर्माण को लेकर कहा, "सेंट्रल विस्टा नया नहीं है, कांग्रेस की हिप्पोक्रेसी देखें. कांग्रेस और उसके सहयोगी महाराष्ट्र में एक एमएलए हॉस्टल के पुनर्निर्माण और छत्तीसगढ़ में एक नया विधान सभा भवन बनाने की नई परियोजना पर काम कर रहे हैं. यदि यह ठीक है, तो सेंट्रल विस्टा के साथ क्या समस्या है?"

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पुरी ने कहा, "कांग्रेस का पाखंड यहीं नहीं रुकता, उनका शर्मनाक दोहरा चेहरा देखिए. यूपीए के दौरान, कांग्रेस नेताओं ने एक नई संसद की आवश्यकता के बारे में लिखा था. 2012 में विधानसभा अध्यक्ष ने उसी के लिए शहरी विकास मंत्रालय को एक पत्र लिखा था. और अब वह उसी परियोजना का विरोध कर रहे हैं."


क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का बेहद ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. इसके तहत लुटियंस दिल्ली में अंग्रेजों के बनाए 3.2 किलोमीटर की पट्टीनुमा इलाके को पुनः विकसित किया जाना है. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन, प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के आवास समेत कई सरकारी अन्य भवन राजपथ और इंडिया गेट के आस-पास बनाए जा रहे हैं. कोविड-19 महामारी के दौर के बीच सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर विपक्षी दल हमलावर बने हुए हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन, कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जैसे नेता सरकार पर निशाना साध चुके हैं.

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