2019 के मुकाबले दिवाली की सुबह इस साल सबसे ज़्यादा प्रदूषण था, CPCB ने NGT को सौंपी रिपोर्ट

दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण पर सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसे एनजीटी में दाखिल की जा रही है.
दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण पर सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इसे एनजीटी में दाखिल की जा रही है.

गौरतलब रहे कि दिवाली पर इस बार बढ़ते प्रदूषण के चलते पटाखों (Firecrackers) पर बैन लगा दिया गया था. कहीं एनजीटी तो कहीं राज्यों सरकारों ने खुद पटाखें बैन (Ban) करने का कदम उठाया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 9:42 PM IST
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नई दिल्ली. 14 नवंबर को दिवाली (Diwali) मनाने के बाद देश में जब अगली सुबह लोग उठे तो वायु प्रदूषण (Air Pollution) अपने चरम पर था. प्रदूषण का आंकड़ा बीते साल 2019 की दिवाली की अगली सुबह के मुकाबले भी ज़्यादा था. यह कहना है केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का. इस संबंध में सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में दाखिल की है. एक न्यूज एजेंसी के साथ सीपीसीबी ने इस रिपोर्ट को साझा किया है.

दिवाली की अगली सुबह ऐसी थी दिल्ली की हवा

पूसा में 433 (सीवियर)



लोधी रोड में 392 (वेरी पुअर)
डीयू- 479 (सीवियर)

मथुरा रोड- 458

आया नगर- 424

आईआईटी दिल्ली- 398

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पटाखे चलाने पर यह कहा था एनजीटी ने
कोरोना के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर एनजीटी शुरू से सख्त थी. इसी के चलते एनजीटी ने 7 से 30 नवंबर तक पटाखों को बैन कर दिया था. इस पर पटाखा कंपनियों की एसोसिएशन ने कहा कि पटाखा कंपनियों से 10 हज़ार लोग जुड़े हुए हैं. बैन लगने से यह सब बेरोजगार हो जाएंगे. जिस पर एनजीटी ने कहा कि हम जीवन का जश्न मना सकते हैं मौत का नहीं. इसी के बाद कुछ राज्यों ने खुद ही अपने यहां पटाखे बैन कर दिए थे और उसके बाद एनजीटी ने खुद मानक का आधार तय करते हुए पटाखों को बैन कर दिया था.





AQI के इस मानक पर देशभर में बैन किए गए थे पटाखे
एनजीटी का कहना था कि जिन शहरों की एयर क्वालिटी सामान्य या बेहतर है वहां सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के मुताबिक तय समय में ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं. मौसम विज्ञानियों की मानें तो 0 और 50 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.

गौरतलब रहे कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर के लगभग सभी इलाकों का एक्यूआई 350 से ऊपर रहा है. और अब एनजीटी के मुताबिक 101 से ऊपर एक्यूआई होते ही पटाखे बैन कर दिए जाएंगे.
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