गेस्ट हाउस में फंसी रही COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में बंगाल की मदद के लिए गई केंद्रीय टीम

गेस्ट हाउस में फंसी रही COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में बंगाल की मदद के लिए गई केंद्रीय टीम
पश्चिम बंगाल पर कोरोना के असली मामले छिपाने का आरोप लगा है (फाइल फोटो)

बंगाल में शनिवार दोपहर तक कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के 571 मामले और 18 मौतें रिपोर्ट की गई हैं. लेकिन ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार (State Government) मामलों से जुड़े डेटा को छिपाने का काम कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2020, 7:51 PM IST
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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में COVID-19 के प्रसार पर लगाम लगाने में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee Government) की मदद करने के लिए एक केंद्रीय टीम को भेजा गया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने बताया कि बंगाल में न ही उनके वहां रुकने की सामान्य जरूरतों को पूरा किया गया. न ही वहां राज्य सरकार द्वारा उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई गई. हालांकि फिर भी उन्हें इस महामारी (Pandemic) से निपटने के तरीकों में खामियां मिली हैं.

एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपूर्व चंद्रा (Apurva chandra) के नेतृत्व वाली अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीम ने यह भी बताया कि अपनी सुरक्षा के लिए टीम के साथ गए बीएसएफ (BSF) के जवानों के साथ गए थे. लेकिन उनकी यात्रा की शुरुआत में ही उन्हें यह बता दिया गया था कि केंद्रीय टीम को राज्य पुलिस की अनुमति के बिना गेस्ट हाउस से बाहर नहीं रहना चाहिए. टीम 20 मार्च (सोमवार) को कोलकाता (Kolkata) पहुंची थी.

'ज्यादातर समय गेस्ट हाउस में रहे, फील्ड में गुजार सके सिर्फ 6 घंटे'
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "ऐसा लगता है कि वे ज्यादातर बीएसएफ गेस्ट हाउस (Guest House) में ही फंसे रहे हैं और मुश्किल से 6 घंटे ही फील्ड में बिता पाए हैं." गृह मंत्री अमित शाह को इस बात की जानकारी दी गई है और बताया गया है कि राज्यों की मदद करने के केंद्रीय प्रयास किस तरह से आगे बढ़े हैं.
बंगाल में इन सिविल सेवकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के समूह के बिताए समय के बारे में अपूर्व चंद्रा ने गृह मंत्रालय को बताया कि वे केवल तीन अस्पतालों और एक क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) के दो दौरे ही कर सके. हावड़ा जिले के उलुबेरिया सब डिवीजन से अपने दूसरे दौरे से लौटने के दौरान, वे सल्किया के एक कंटेनमेंट जोन भी गए.



7 राज्यों में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए बनाई गई हैं ये टीमें
अपूर्व चंद्रा (Apurva Chandra) के नेतृत्व में गई केंद्रीय टीम उन कई समूहों में से एक थी, जिसे Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में 7 राज्यों की मदद के लिए बनाया गया था. जिस दिन केंद्र सरकार (Central Government) ने अपूर्व चंद्रा को पश्चिम बंगाल की टीम सौंपी थी, उसी दिन उसने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए भी टीमों का निर्माण किया था. शुक्रवार को इसने गुजरात, तेलंगाना और तमिलनाडु के लिए अन्य टीमों का निर्माण भी किया था.

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