राहुल का निशाना- सैनिकों, कर्मचारियों के भत्ते की बजाय बुलेट ट्रेन परियोजना रोके सरकार

राहुल का निशाना- सैनिकों, कर्मचारियों के भत्ते की बजाय बुलेट ट्रेन परियोजना रोके सरकार
सैनिकों और केंद्रीय कर्मचारियों के भत्ते रोकने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार की आलोचना की है (सांकेतिक फोटो)

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहले भी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर निशाना साधते रहे हैं. अब उन्होंने ट्ववीट के माध्यम से एक बार फिर इस मसले पर केंद्र की आलोचना की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2020, 6:01 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों (Central government employees and pensioners) के महंगाई भत्ते में वृद्धि नहीं करने के सरकार के फैसले की आलोचना की है.  कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) को सैनिकों और कर्मचारियों के भत्ते काटने के बजाय ‘सेंट्रल विस्टा’ (Central vista), बुलेट ट्रेन परियोजनाओं (Bullet Train Project) और फिजूल खर्च पर रोक लगानी चाहिए.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार कटौती को बताया असंवेदनशील और अमानवीय
राहुल गांधी ने इस मसले पर किए ट्वीट में लिखा, "लाखों करोड़ की बुलेट ट्रेन परियोजना और केंद्रीय विस्टा सौंदर्यीकरण परियोजना को निलंबित करने की बजाय कोरोना से जूझ कर जनता की सेवा कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशन भोगियों और देश के जवानों का महंगाई भत्ता (DA) काटना सरकार का असंवेदनशील तथा अमानवीय निर्णय है."


मोदी सरकार सेना के जवानों, सरकारी कर्मियों के मंहगाई भत्ते पर कैंची चलाने पर उठाए सवाल


उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के संकट से पैदा हुई आर्थिक मंदी (financial crisis) और आय की तंगी पर मरहम लगाने के बजाय मोदी सरकार जले पर नमक छिड़कने में लगी है.’’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने यह भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के सुझाव को मानते हुए केंद्र सरकार (Central Government) अपने फिजूल खर्च पर रोक लगाकर ढाई लाख करोड़ रुपये बचा सकती है जिसका इस्तेमाल संकट के इस समय में लोगों की मदद के लिए हो सकता है.

सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘‘ उसने हाल ही में 30,42,000 करोड़ रुपये का बजट पारित किया. बजट में आय व खर्चे का लेखा-जोखा स्पष्ट तौर से दिया जाता है. फिर बजट पेश करने के 30 दिन के अंदर ही मोदी सरकार (Modi Government) सेना के जवानों, सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते पर कैंची चलाकर क्या साबित कर रही है?’’

सुरजेवाला ने महंगाई भत्ते में कटौती को बताया 'अन्यायपूर्ण'
उन्होंने दावा किया कि महंगाई भत्ते में ‘अन्यायपूर्ण कटौती’ से लगभग 1.13 लाख सैनिकों, कर्मचारियों और पेंशनरों की तनख्वाह (Salary) से सालाना 37,530 करोड़ रुपये की कटौती होगी. सुरजेवाला ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि मोदी सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की कटौती कर जख्म देने की इस कवायद ने देश की रक्षा करने वाले तीनों सेनाओं के हमारे सैनिकों तक को नहीं बख्शा. इस कटौती के जरिये 15 लाख सैनिकों और लगभग 26 लाख सैन्य पेंशनभोगियों (Pensioners) के 11,000 करोड़ रुपये काट लिये जाएंगे.’’

कोरोना महामारी के बावजूद सरकार ने खारिज नहीं की सेंट्रल विस्टा परियोजना
उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बावजूद सरकार ने आज तक 20,000 करोड़ रुपये की लागत वाली सेंट्रल विस्टा परियोजना खारिज नहीं की. न ही उसने 1,10,000 करोड़ रुपये की लागत वाली बुलेट ट्रेन परियोजना बंद की. उसने फिजूल के सरकारी खर्चों में कटौती की घोषणा भी नहीं की, जिससे 2,50,000 करोड़ रुपये सालाना बच सकते हैं.’’

सुरजेवाला ने सरकार से आग्रह किया कि वह इन परियोजनाओं पर रोक लगाए और ‘फिजूल खर्ची’ बंद करे. सेंट्रल विस्टा परियोजना (Central vista project) के तहत संसद और मध्य दिल्ली की कई सरकारी परिसंपत्तियों के पुन:निर्माण का प्रस्ताव है.

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