ग्रामीण क्षेत्रों को कोरोना से बचाने के लिए सरकार गंभीर, यहां जानें राज्यों के उठाए गए कदम

गांवों में कोरोना के मामले अधिक बढ़ रहे हैं. (Pic- AP)

गांवों में कोरोना के मामले अधिक बढ़ रहे हैं. (Pic- AP)

Coronavirus in Rural India: ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए पंचायती राज मंत्रालय सक्रिय हुआ है. पंचायती राज्य मंत्रालय के दिशा निर्देश पर कई राज्यों ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

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नई दिल्‍ली. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. इससे केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) की परेशानियां भी बढ़ गई हैं. ऐसे में अब पंचायती राज मंत्रालय लगातर राज्यों को एडवाइजरी जारी कर सचेत कर रहा है. मोदी सरकार की चिंता इस बात को लेकर हैं कि अगर शहरी क्षेत्रों में कोरोना के कारण जानमाल का जो नुकसान हुआ हैं, उससे उबरने में तो कई वर्ष लग सकते हैं लेकिन कोरोना ग्रामीण क्षेत्रों (Covid 19 in Rural India) में शहरों की तरह फैल गया तो जो जानमाल का नुक़सान होगा, उससे उबरने में कई दशक लग सकते हैं.

पंचायती राज मंत्रालय के सुझावों के आधार पर कई राज्यों ने अपनी ओर से प्रभावी कार्रवाई की है. मंत्रालय ने ऐसे 20 राज्यों में की गई कार्रवाई का ब्यौरा तैयार किया है, जिससे कोरोना संक्रमण को गांवों में फैलने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए.

राज्यवार ब्यौरा-

1. आंध्र प्रदेश
कोरोना निगरानी समिति का गठन और ग्राम पंचायत स्तर पर यह निर्णय कि अगर मास्क नहीं तो गांव में प्रवेश नहीं. सैनेटाइजेशन और घर घर पर निगरानी.

2. अरुणाचल प्रदेश

सभी जिला कमिश्नरों को एडवाजरी जारी. इसमें सार्वजनिक स्थलों का सैनेटाइजेशन, ग्रामीण निगरानी समिति का गठन, लोगों की भागीदारी और जनचेतना कार्यक्रम चलाने का निर्देश.



3. असम

ग्रामीण रक्षा पार्टी का गठन और प्रवासी लोगों का डेटाबेस तैयार करना और 15वें एफसी यूनाटेड ग्रांट से सैनीटेशन के लिए वित्त आवंटन.

4. बिहार

गांव के सभी परिवारों को मास्क वितरण, रोजगार बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर मास्क बनवाना और खरीदना और 15वें एफसी यूनाटेड ग्रांट से सैनीटेशन के लिए वित्त आवंटन.

5. गुजरात

पीआरआई द्वारा स्वयं ही लॉकडाउन की घोषणा. पल्स ऑक्सीमीटर, टेंपरेचर गन और एंटीजन टेस्ट किट के साथ डोर टू डोर अभियान और परिवारों और मरीजों की मदद के लिए गांवों में ग्राम योद्धा समिति का गठन.

6. हरियाणा

समय समय पर जनचेतना कार्यक्रम, ग्रामीण निगरानी समिति का गठन, प्रवासी श्रमिकों के लिए क्वारंटीन और पृथकवास सेंटरों का निर्माण.

7. हिमाचल प्रदेश

उचित क्‍वारंटाइन और आइसोलेशन के लिए डोर टू डोर निगरानी अभियान, सभी निवासों का सैनेटाइजेशन और मास्क की सिलाई और कोरोना प्रभावित परिवारों के लिए राशन और मेडिकल किट का वितरण.

8. झारखंड

पंचायत भवनों, सरकारी स्कूलों, सामुदायिक भवनों को क्वारंटाइन सेंटरों में बदला गया. गूगल मीट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जनचेतना जागरण और सभी तहसीलों के लिए मैसेजिंग ग्रुप बनाए गए.

9. कर्नाटक

ग्राम पंचायत स्तर पर जीपीटीएफ और वीटीएफ को दोबारा बननाया गया. मैसूर के एएनएस ग्रामीण विकास संस्थान की मदद ली गई.

10. केरल

कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए जरूरी मैकेनिज्म बनाया गया. पृथकवास या क्वारंटाइन में रह रहे परिवारों को मदद और सूचना दी गई. कुदुंबश्री सामुदायिक नेटवर्क का गठन और कोविड केयर सेंटरों का निर्माण.

11. मध्य प्रदेश

कोविड गाइडलाइंस के हिसाब से गांवों और अधिक संक्रमण वाले इलाकों में कंटेमेंट जोन का गठन. गांवों और पंचायतों में सक्रिय मरीजों की संख्या के अनुपात में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन का गठन. तहसील, जिला और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन.

12. महाराष्ट्र

मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी अभियान से जनचेतना कोरोना प्रिवेंशन कमेटी का गठन और डोर टू टोर अभियान.

13. नगालैंड

पंचायतों और लोगों के बीच पंचायत समितियों ने मजबूत कड़ी प्रदान की. पंचायत समिति के तहत लोगों को उचित प्रशिक्षण दिया गया.

14. पंजाब

दूसरे राज्यों से आवाजाही पर कड़ी रोक. हर गांव में ग्रामीण निगरानी समिति का गठन और गांवों में ठीकरी पहरे का आयोजन ताकि नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू का अनुपालन सुनिश्चित हो.

15. राजस्थान

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल किट का वितरण और कोविड संबंधी सभी निर्देशों के लिए जिला पंचायत के सीईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया. सर्वे रिपोर्ट और मेडिकल किट वितरण रिपोर्ट का हर दिन आकलन.

16. सिक्किम

पीआरआई के साथ नियमित चर्चा. यूट्यूटब लाइव जैसे टूल्स से प्रशिक्षण सत्र और कोविड के प्रसार को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान.

17. त्रिपुरा

ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन और कोविड प्रोटोकाल व्यवहार के प्रचार के लिए विस्तृत अभियान. वित्त आयोग के अनुदान से पीआरआई की गतिविधियों का संचालन.

18. उत्तर प्रदेश

सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण निगरानी समितियों का गठन जिसमें स्वच्छता को बढ़ावा देने का लक्ष्य. हर गांव में नियमित सफाई के लिए सफाई कर्मचारी कोविड से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए वित्तीय मदद.

19. उत्तराखंड

हर ग्राम पंचायत में ग्रामीण निगरानी समिति का गठन. उचित निगरानी तथा सहायता के लिए तहसील स्तर पर रिस्पॉन्‍स टीम का गठन. पंचायती राज निदेशालय पर 24x7 हैल्प डेस्क व्यवस्था.

20. पश्चिम बंगाल

एनजीओ, सीबीओ और एसएचजी की मदद से पंचायत जनचेतना अभियान चला रही हैं. स्थानीय बाजारों और हाट में सुरक्षा, पीडीएस के तहत गरीबों को राशन वितरण.

पंचायती राज मंत्रालय के दिशा निर्देश के बाद राज्यों की कुछ मह्त्वपूर्ण पहल-

1. गुजरात में पीआरआई की ओर से स्वयं ही लॉकडाउन.

2. असम में दूसरे राज्यों से वापस आने वाले और राज्य में ही एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले श्रमिकों का डेटा बेस तैयार करना.

3. हिमाचल प्रदेश में ईसंजीवनी ओपीडी जिसमें बीमारों को मुफ्त चिकित्सा सलाह.


4. केरल में कुदंबश्री सामुदायिक नेटवर्क का गठन जिसमें गरीब महिलाओं की मदद.

5. केरल में हर पंचायत में एंबुलेंस की व्यवस्था. साथ ही, जरूरतमंदों के लिए टू चैंबर्ड कार और ऑटो रिक्शा की व्यवस्था.

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