केंद्र ने राज्यों से कहा-हर कोरोना केस पर 25-30 लोगों की हो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग

केंद्र सरकार ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग की प्रक्रिया पर अधिक जोर देने को कहा है. (तस्वीर-AP)

केंद्र सरकार ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग की प्रक्रिया पर अधिक जोर देने को कहा है. (तस्वीर-AP)

केंद्र सरकार (Central Government) ने कहा है कि प्रत्येक कोरोना केस पर कम से 25 से 30 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) की जानी चाहिए. इसके अलावा आइसोलेशन सेंटर्स की बेहतर व्यवस्था किए जाने की जरूरत है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए जिला केंद्रित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 6:00 AM IST
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नई दिल्ली. देश में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों (Rising Covid-19 Cases) के बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने राज्यों से ज्यादा सघन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) करने को कहा है. सरकार ने कहा है कि प्रत्येक कोरोना केस पर कम से 25 से 30 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जानी चाहिए. इसके अलावा आइसोलेशन सेंटर्स की बेहतर व्यवस्था किए जाने की जरूरत है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए जिला केंद्रित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है.

राजेश भूषण ने कहा है कि प्रत्येक जिले को केस बढ़ने पर एक एक्शन प्लान के तहत काम करना चाहिए जिसे समयसीमा के आधार पर पूरा किया जाए. कोरोना के मामलों को रोकने के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने पर जोर दिया गया है. उन्होंने कहा-जिन जगहों पर अधिक संख्या में केस मिल रहे हैं वहां पर बड़े कंटेनमेंट जोन बनाने होंगे. साथ ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया को और अधिक विस्तृत-सघन बनाना होगा.

ज्यादा प्रभावित जिलों में बढ़ानी होगी वैक्सीनेशन स्पीड

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन जिलों में अधिक संख्या में केस सामने आ रहे हैं वहां पर वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज करना होगा. साथ ही प्राथमिकता के आधार पर 45 से अधिक वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना चाहिए. देश में कई ऐसे जिले हैं जहां पर किसी एक इवेंट या भीड़भाड़ की वजह से एकाएक मामले बढ़े हैं. ऐसी जगहों पर कोरोना संबंधी नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. मास्क पहनने, हाथ धुलने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे अनिवार्य नियमों का पालन बेहद जरूरी है.
प्रशासनिक खामियों की पहचान जरूरी

राज्यों से उन इलाकों और अस्पतालों को भी चिन्हित करने के लिए कहा गया है जहां पर कोरोना मृत्यु दर अधिक है. यह फैसला आंकड़ों के जरिए प्रशासनिक खामियों को चेक करने के लिए किया गया है. स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि प्रशासनिक खामियों पर तुरंत काम किए जाने की जरूरत है. केंद्र की तरफ से एक बार फिर कहा गया है कि कोरोना के दोबारा बढ़े मामलों के पीछे कोरोना संबंधी नियमों का ढंग से पालन न करना भी एक प्रमुख वजह है.
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