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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे की फांसी को उम्रकैद में बदला गया

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Updated: September 29, 2019, 11:42 PM IST
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे की फांसी को उम्रकैद में बदला गया
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिहं के हत्यारे बलवंत सिंह राजोआना की फांसी को उम्रकैद की सजा में बदल दिया गया है (फाइल फोटो)

गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (Beant Singh) की हत्या के आरोपी बलवंत सिंह राजोआना (Balwant Singh Rajoana) की फांसी की सजा को उम्रकैद (Life Imprisonment) में बदल दिया है.

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  • Last Updated: September 29, 2019, 11:42 PM IST
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नई दिल्ली. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (Beant Singh) की हत्या के आरोपी बलवंत सिंह राजोआना (Balwant Singh Rajoana) की फांसी की सजा को उम्रकैद (Life Imprisonment) में बदल दिया है. इस बात की जानकारी रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने दी.

बेअंत सिंह को पंजाब से आतंकवाद (Terrorism) खत्म करने का क्रेडिट दिया जाता है. उनकी हत्या 31 अगस्त, 1995 को कर दी गई थी. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया, बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का फैसला किया है. इसके लिए जरूरी कार्यवाही के लिए एक औपचारिक नोटिस जारी किया जाना है.

मानव बम ने धमाके में उड़ाकर की थी हत्या
31 अगस्त, 1995 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को चंडीगढ़ के केंद्रीय सचिवालय (Civil Secretariat) के बाहर एक बम धमाके में उड़ा दिया गया था. उनके साथ इस आतंकी हमले में 16 अन्य लोगों की जान भी गई थी. इस हमले में पंजाब पुलिस (Punjab Police) के कर्मचारी दिलावर सिंह ने मानव बम की भूमिका निभाई थी.

बब्बर खालसा आतंकी समूह (The Babbar Khalsa) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. और उसी का एक दूसरी आतंकी इस हमले में दूसरा मानव बन बना था. दूसरे मानव बम का इंतजाम, पहले मानव बम के असफल रहने की स्थिति में किया जाना था.

मानवीय सद्भाव के तहत छोड़े गए हैं कैदी
शनिवार को गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आठ सिख कैदियों को पंजाब में आतंकवाद के दौर से जुड़े अपराधों के चलते देश की अलग-अलग जेलों में रखा गया है. उन्हें गुरुनानक देवजी (Guru Nanak Devji) की 550वीं जयंती पर एक मानवीय सद्भाव को दिखाते हुए छोड़े जाने का फैसला लिया गया है.
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प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इसके अलावा एक अन्य कैदियों की मौत की सजा को घटाकर उम्रकैद भी किया गया है. हालांकि रविवार को ही साफ हुआ कि जिस कैदी की सजा को घटाया गया है वह राजोआना है. राजोआना और आठ अन्य कैदियों को देश की अलग-अलग जेलों में रखा गया है.

बता दें कि राजोआना की फांसी की सजा के लिए 31 मार्च, 2012 की तारीख तय की गई थी. जबकि इससे पहले ही 28 मार्च, 2012 को उस पर स्टे लगा दिया गया था. ऐसा तत्कालीन कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने किया था. ऐसा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मर्सी पेटिशन के बाद किया गया था.

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First published: September 29, 2019, 11:42 PM IST
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