कोरोना वायरस: लॉकडाउन सही से लागू कराए जाने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई 6 समितियां

कोरोना वायरस: लॉकडाउन सही से लागू कराए जाने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई 6 समितियां
सांकेतिक तस्वीर

केंद्र सरकार (Central Government) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-19 Lockdown) के निर्देशों का कड़ाई पालन करने के लिए कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 7:01 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने छह कमेटियों (committees) का निर्माण किया है. इन सभी कमेटियों का नेतृत्व अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी (Additional Secretary rank officials) करेंगे. यह कमेटियां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (Maharashtra), राजस्थान और पश्चिम बंगाल जाकर लॉकडाउन के नियमों का लागू किया जाना सुनिश्चित करेंगी. नागरिक उड्डयन मंत्री इन कमेटी के सदस्यों के लिए विमान यात्रा का प्रबंध करेंगे.

कई ट्वीट की एक सीरीज में गृह मंत्रालय (Home Ministry) के प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन के कदमों का उल्लंघन स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी मुसीबत और जनता के लिए संकट बनता है. उन्होंने यह भी कहा कि COVID-19 की स्थिति इंदौर, जयपुर, मुंबई, पुणे और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कई इलाकों में गंभीर है.

फ्रंटलाइन हेल्थकेयर कर्मचारियों पर हमले और सामाजिक दूरी के उल्लंघन पर जताई चिंता
प्रवक्ता ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर कर्मचारियों (Frontline Health care Workers) पर हुए हमलों, सामाजिक दूरी का पूरी तरह से उल्लंघन किए जाने और शहरों में गाड़ियों के संचालन का भी जिक्र किया.
ट्वीट में कहा गया है, "इंदौर (मध्य प्रदेश), मुंबई और पुणे (महाराष्ट्र), जयपुर (राजस्थान) और कोलकाता (Kolkata), हावड़ा, मेदिनीपुर पूर्व, 24 परगना उत्तर, दार्जिलिंग, कलिमपोंग और जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में स्थिति खासकर गंभीर है."



ये 6 समितियां लेंगी राज्यों में नियम पालन का जायजा, केंद्र को सौपेंगी रिपोर्ट
इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने 6 अंतरमंत्रालयीय केंद्रीय टीमों (IMCT) का निर्माण इन जगहों पर स्थिति का जायजा लेने के लिए किया गया है. ये राज्यों के प्रशासन को समस्या से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगी और आम जन के वृहत्तर हित में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी.

ट्वीट में कहा गया है, "IMCT का फोकस लॉकडाउन उपायों के पालन और कार्यान्वयन; जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति, सामाजिक दूरी, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के लिए तैयारी, स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा और मजदूरों व गरीबों के लिए राहत शिविरों की स्थिति पर होगा."

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