कोरोना वायरस की रफ्तार को कैसे किया जाए कम? केंद्र ने इन राज्यों को दिए 6 मंत्र

कोरोना वायरस की रफ्तार को कैसे किया जाए कम? केंद्र ने इन राज्यों को दिए 6 मंत्र
केंद्र ने राज्यों से ये भी कहा कि कि वो आम लोगों से लगातार बातचीत करते रहे.

Coronavirus: दिल्ली (Delhi) और मुंबई (Mumbai) जैसे महानगरों में कोरोना की रफ्तार में थोड़ी कमी आई है, लेकिन देश के दूसरे राज्यों में कोरोना ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है. खासकर बिहार, कर्नाटक और असम में कोरोना का संक्रमण तेज़ी से पांव पसार रहा है. केंद्र सरकार ने इन राज्यों के साथ नई रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार को एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई.

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नई दिल्ली. भारत में कोरोना (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या 13 लाख को पार कर गई है. पिछले कुछ दिन से हर रोज़ औसतन 40 हज़ार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. राहत की बात ये है कि दिल्ली (Delhi) और मुंबई (Mumbai) जैसे महानगरों में कोरोना की रफ्तार में थोड़ी कमी आई है, लेकिन देश के दूसरे राज्यों में कोरोना ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है. खासकर बिहार, कर्नाटक और असम में कोरोना का संक्रमण तेज़ी से पांव पसार रहा है. लिहाज़ा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन राज्यों के साथ नई रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार को एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई.

3 घंटे तक चली बैठक
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई ये बैठक करीब 3 घंटे तक चली. इस बैठक में आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक, झारखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों के नुमाईंदे मौजदू थे. कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन राज्यों के मुख्य सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कोविड -19 के खिलाफ राष्ट्रीय टास्क फोर्स के विशेषज्ञों ने भाग लिया. केंद्र की तरफ से इस बैठक में मुख्य तौर पर छह मुख्य मुद्दों पर जोर दिया गया.

1. कैबिनेट सचिव ने कहा कि इस महामारी को छह महीने हो गए हैं. इस पर काबू करने के लिए क्या कदम उठाने हैं इसके बारे में हर किसी को जानकारी है. उन्होंने कहा, 'अब जरूरत इस बात की है कि इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम को कैसे लागू किया जाए. इसके बाद ही कोरोना की रफ्तार में कमी आएगी.'
2. जिन 9 राज्यों ने लॉकडाउन लागू किया है, उन्हें कटेंमेंट ज़ोन और सर्विलांस पर भी ध्यान देना होगा. इसके अलावा अस्पताल के बुनियादी ढांचे और क्लीनिकल मैनेजमेंट को मजबूत करना होगा. ये भी कहा गया कि सिर्फ लॉकडाउन से इसका हल नहीं निकलने वाला है. बाक़ी चीजों पर भी मेहनत करने की जरूरत है.



3. केंद्र सरकार ने राज्यों से ये भी कहा कि ज्यादा केस बढ़ने से मेडिकल स्टाफ थकान महसूस करेंगे. इसके अलावा केंद्र ने राज्यों से ये भी कहा है कि वो मेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए रिटायर्ड डॉक्टर, MBBS के फाइनल इयर के स्टूडेंट और नर्स को भी बुलाए.

4. केंद ने कमज़ोर मेडिकल सुविधा वाले राज्यों से कहा कि वो प्लानिंग पर ज्यादा ज़ोर दें. इसके तहत कहा गया है कि ये ध्यान रखा जाए कि ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और दवाई की कोई कमी न हो. साथ ही ये भी ध्यान रखा जाए कि फैसला लेने और लागू करने में कोई देरी न हो.

5. सूत्रों के मुताबिक केंद्र ने ये भी कहा कि केरल, गोवा और दिल्ली जैसे राज्यों से सबक सीखने की जरूरत है कि कैसे हालात बदले जाते हैं. इसके अलावा कर्नाटक का अनुभव हमें ये भी दिखाता है कि कैसे हालात अचानक बदल सकते हैं. बता दें कि कर्नाटक में अचानक पिछले दो हफ्तों से कोरोना के केस भारी इजाफा देखने को मिल रहा है.

6. केंद्र ने राज्यों से ये भी कहा कि वो आम लोगों से लगातार बातचीत करती रहे. उन्हें कोरोना से निपटने के उपायों के बारे में बताएं.
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