कश्मीर की केसर को मिला GI प्रमाण पत्र मिला, पीयूष गोयल बोले-कश्मीर की कली दुनिया जीतने के लिए बाहर निकली

कश्मीर की केसर को मिला GI प्रमाण पत्र मिला, पीयूष गोयल बोले-कश्मीर की कली दुनिया जीतने के लिए बाहर निकली
कश्मीरी केसर को जीआई प्रमाणपत्र मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर अपनी खुशी जताई है

उपराज्यपाल जी सी मुर्मू (GC Murmu) ने कहा कि यह कश्मीर (Kashmir) के इस उत्पाद को दुनियाभर में पहचान दिलाने के लिहाज से प्रमुख ऐतिहासिक कदम है.

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जम्मू. कश्मीर (Kashmir) में पैदा होने वाले केसर (Saffron) को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’ (Geographical Indication) (जीआई) प्रमाण पत्र मिल गया है. जीआई प्रमाणपत्र मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ट्वीट कर अपनी खुशी जताई है और जीआई टैग मिलने के फायदे को भी साझा किया है. गोयल ने लिखा- "कश्मीर की कली दुनिया जीतने के लिए बाहर निकली: कश्मीर केसर को भौगोलिक संकेतक टैग मिलता है, जो इसे विश्व मानचित्र पर प्रमाणित करता है. इसके साथ, केसर निर्यात बाजार में अधिक प्रमुखता हासिल कर लेगा और किसानों को सर्वोत्तम पारिश्रमिक मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा."

वहीं उपराज्यपाल जी सी मुर्मू (GC Murmu) ने कहा कि यह कश्मीर के इस उत्पाद को दुनियाभर में पहचान दिलाने के लिहाज से प्रमुख ऐतिहासिक कदम है. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार (Central Government) ने कश्मीर में पैदा होने वाले केसर के जीआई पंजीकरण के लिये प्रमाण पत्र जारी कर दिया है. उन्होंने कहा कि मूर्मु उपराज्यपाल का पद संभालने के बाद से ही कश्मीरी केसर (Kashmiri Kesar) को जीआई प्रमाण पत्र दिलाने में खुद दिलचस्पी ले रहे थे. एक अधिकारी ने कहा, 'जीआई प्रमाण पत्र मिलने से कश्मीरी केसर में मिलावट के रास्ते बंद हो जाएंगे. इसके बाद अच्छी केसर के लिये अच्छे दाम मिल सकेंगे.'


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इस संबंध में कृषि उत्पादन विभाग के प्रमुख सचिव, नवीन के चौधरी ने इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि जीआई प्रमाणीकरण विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति स्थापित करता है और उत्पाद के कुछ विशिष्ट गुणों को प्रमाणित करता है. जीआई प्रमाणीकरण उन लोगों को सक्षम करता है जिनके पास साइन का उपयोग करने के लिए तीसरे पक्ष को रोकने के लिए संकेतों का उपयोग करने का अधिकार है.

इस जीआई सर्टिफिकेशन से कश्मीर केसर में की जाने वाली व्यापक मिलावट के रास्ते भी बंद हो जाएंंगे और इस तरह से प्रमाणित केसर के बहुत बेहतर दाम मिल सकेंगे. (भाषा के इनपुट सहित)
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