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    केंद्र सरकार ने लेह को लद्दाख के बजाय जम्मू-कश्मीर का हिस्सा दिखाने पर ट्विटर को भेजा नोटिस

    केंद्र सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस भेज जवाब मांगा है. (सांकेतिक फोटो)
    केंद्र सरकार ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस भेज जवाब मांगा है. (सांकेतिक फोटो)

    Central Notice to Twittter: केंद्र सरकार ने ट्विटर को लेह को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के बजाय जम्मू कश्मीर का हिस्सा दिखाए जाने पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 12, 2020, 7:44 PM IST
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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 9 नवंबर को लेह (Leh) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (Ladakh) के बजाय जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के हिस्से के रूप में दिखाने के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) को नोटिस जारी किया. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नोटिस ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट को पांच दिनों में यह बताने का निर्देश दिया है कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता का अपमान करने के लिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

    द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र के निदेशक द्वारा ट्विटर के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट को ये नोटिस भेजा गया है. ट्विटर ने पहले लेह को चीन के हिस्से के रूप में दिखाया था जिसके बाद मंत्रालय के सचिव ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी को एक आपत्ति उठाते हुए एक पत्र लिखा था. जिसके जवाब में, ट्विटर ने त्रुटि को सुधार दिया था. लेकिन इसने लेह को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के हिस्से के रूप में दिखाने के लिए अभी तक नक्शे को सही नहीं किया है.

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    भारत ने कही थी ये बात
    मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी द्वारा लिखे गए पहले पत्र में डोर्सी को याद दिलाते हुए ट्विटर से आग्रह किया गया था कि लेह, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का मुख्यालय है. इसमें कहा गया कि लद्दाख और जम्मू- कश्मीर दोनों भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और भारतीय संविधान द्वारा शासित हैं.

    साहनी ने चेतावनी दी थी कि इस तरह की गलत बयानी ट्विटर की प्रतिष्ठा को धूमिल करेगी, साथ ही सरकार ने यह आग्रह भी किया था कि भारतीयों की संवेदनशीलता का सम्मान किया जाए. साहनी ने यह भी लिखा था कि ट्विटर द्वारा भारत की संप्रभुता और अखंडता का अनादर करने का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य और गैरकानूनी है.
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