लाइव टीवी

कोरोना से लड़ाई में चिकित्सकों की जरूरत, रिटायर्ड डॉक्टरों की भी मदद ले सकती है सरकार

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 12:58 AM IST
कोरोना से लड़ाई में चिकित्सकों की जरूरत, रिटायर्ड डॉक्टरों की भी मदद ले सकती है सरकार
देश में अब तक इस वायरस के कारण दस लोगों की मौत हो गयी है

देश में अब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) के 606 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें महाराष्ट्र (Maharashtra) में 128 मरीज व केरल में आठ विदेशी मरीज सहित कुल 109 मरीज भी शामिल हैं. मंगलवार को देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 519 थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2020, 12:58 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप (Coronavirus Outbreak) से लड़ने के लिए डॉक्टरों की तलाश कर रही है. सरकार का कहना है कि रिटायर्ड डॉक्टर्स भी कोरोना से लड़ने के लिए वॉलंटियर के के रूप में काम कर सकते हैं. बता दें देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 606 हो गई है. ऐसे में देश के हर हिस्से में इलाज करने के लिए डॉक्टरों की बड़ी संख्या में आवश्यकता है जिसके चलते केंद्र ने यह फैसला लिया है.

देश में अब तक इस वायरस के कारण दस लोगों की मौत हो गयी है. सर्वाधिक 128 मरीज महाराष्ट्र में हैं, इनमें तीन विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

मंगलवार को 519 थी संख्या
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण से उत्पन्न हालात की समीक्षा के बाद मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में अब तक कोरोना के 606 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें महाराष्ट्र में 128 मरीज व केरल में आठ विदेशी मरीज सहित कुल 109 मरीज भी शामिल हैं. मंगलवार को देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 519 थी.



मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल मरीजों में से 553 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि 43 को उपचार के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है. भारत में मौजूद मरीजों में 43 विदेशी मरीज भी शामिल हैं.

दिल्ली का मरीज नहीं पाया गया था पॉजिटिव
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय द्वारा बुधवार को सुबह दस लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत होने की जानकारी दी गयी थी लेकिन मृतकों में शामिल दिल्ली के एक मरीज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं होने की पुष्टि के बाद मृतकों की संख्या नौ कर दी गयी. हालांकि बुधवार की शाम को महाराष्ट्र में एक मरीज की मौत होने के कारण मृतकों की संख्या दस हो गयी.

मंत्रालय द्वारा जारी शाम सात बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना के संक्रमण से तीन मरीजों की मौत हुयी है, जबकि बिहार, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में मृतकों की संख्या एक-एक है. कर्नाटक में 41, गुजरात में 38, उत्तर प्रदेश में 37, राजस्थान में 36, तेलंगाना में 35, दिल्ली में 31, पंजाब में 29 और हरियाणा में 28 मरीजों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिये देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) के बीच वायरस के परीक्षण और चिकित्सा सुविधाओं को व्यापक तौर पर प्रभावी बनाने के उपाय सुनिश्चित किये गये हैं.

जरूरी सामान किया जा रहा मुहैया
उन्होंने बताया कि इसके तहत चिकित्साकर्मियों के लिये एन 95 मास्क सहित अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति को भी सुनिश्चित किया जा रहा है. साथ ही इस वायरस के संक्रमण के परीक्षण के लिये पूरे देश में 29 निजी प्रयोगशालाओं और 1600 सेंपल कलेक्शन केन्द्रों का भी पंजीकरण किया गया है. इस बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की देश भर में 118 प्रयोगशालायें कार्यरत हैं.

अधिकारी ने बताया कि चिकित्सा संबंधी सुरक्षा उपकरणों का आयात बाधित होने के कारण पिछले कुछ दिनों में इनकी कमी महसूस की गयी है, लेकिन सरकार इस कमी को दूर करने के लिये कारगर प्रयास कर रही है. उन्होंने लॉकडाउन (बंद) को ही स्थिति को नियंत्रित करने का एकमात्र उपाय बताते हुये कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा एक नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बंद का पालन सुनिश्चित कराने पर निरंतर निगरानी की जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये 21 दिन तक देशव्यापी बंद की घोषणा की थी.

ये भी पढ़ें-
लॉकडाउन: Parle की सराहनीय पहल, 3 हफ्तों में तीन करोड़ पैकेट्स बांटेगी कंपनी

कोरोना वायरस: हर रोज 5 जरूरतमंद लोगों को खिलाएंगे खाना 1 करोड़ BJP कार्यकर्ता

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 25, 2020, 11:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर