सरकार का बड़ा फैसला: छोटे शहरों में भी चलेगी तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन, नाम होगा 'मेट्रोलाइट'

अब 'मेट्रो' ट्रेनों को केवल बड़े शहरों में किया जाएगा. सारे छोटे शहरों और कस्बों में 'मेट्रोलाइट' ट्रेनों का ही विकास किया जाएगा.

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 9:24 PM IST
सरकार का बड़ा फैसला: छोटे शहरों में भी चलेगी तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन, नाम होगा 'मेट्रोलाइट'
छोटे शहरों में चलाई जाएगीं मेट्रोलाइट ट्रेनें (सांकेतिक फोटो)
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Updated: July 22, 2019, 9:24 PM IST
केंद्र सरकार ने छोटे शहरों के लिए मेट्रोलाइट नाम का सिस्टम बनाने का प्रस्ताव रखा है. यह ट्रेनें छोटे शहरों और कस्बों में चलाई जानी हैं. इन शहरों में मेट्रो शहरों जैसे बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले नहीं होते, ऐसे में इन ट्रेनों में मात्र 3 कोच लगाने का ही प्लान है. साथ ही इस मेट्रोलाइट ट्रेन की स्पीड को 25 किमी/घं. रखा जाएगा.

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री ने इसके बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेट्रोलाइट सिस्टम में ये छोटी ट्रेनें जमीन और जमीन से उठाकर बनाए गए रास्तों दोनों पर ही चलेंगीं.

300 यात्रियों की क्षमता वाली होंगीं ये मेट्रोलाइट ट्रेनें
मंत्रालय के अनुसार मेट्रोलाइट ट्रेनों का निर्माण, मेट्रो शहरों में चलाई जा रही मेट्रो ट्रेनों के मुकाबले बहुत कम दाम पर किया जाना है. साथ ही यह ट्रेनें ज्यादा क्षमता वाली मेट्रो के लिए फीडर सेवा का काम भी कर सकती है. यानि अगर मेट्रो किसी जगह तक आ रही है तो वहां से आगे उस शहर में इस मेट्रोलाइट ट्रेन को चलाया जाएगा.

सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस तीन कोच की ट्रेन की क्षमता 300 यात्रियों को ले जाने की है. सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार राज्यों को ऐसा मेट्रोलाइट सिस्टम विकसित करने के लिए राज्यों को आर्थिक मदद भी मुहैया कराएगा.

केवल बड़े शहरों में चलेगी मेट्रो, सारे छोटे शहरों में बनेगी मेट्रोलाइट
मेट्रोलाइट सिस्टम का रास्ता सड़क मार्गों से अलग बनाए जाने का प्रस्ताव है. ऐसे में इन्हें बनाते हुए सड़क और इस मार्ग के बीच में दीवारें भी बनाई जाएंगीं.
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जबकि मंत्रालय ने मेट्रो रेल सिस्टम के बारे में कहा है कि इन्हें उन्हें शहरों में विकसित किया जा रहा है, जो बहुत बड़े हैं और जहां पर बड़ी संख्या में यात्री हैं.

वर्तमान मेट्रो सिस्टम की सफलता को देखते हुए, कई छोटे शहरों और कस्बों में रेल आधारित तेजी से यात्रियों को ले जाने वाले सिस्टम की जरूरत महसूस की गई. जिसे किसी हल्के शहरी रेल ट्रांजिट सिस्टम से ही पूरा किया जा सकता है.

लगभग मेट्रो जैसा ही होगा मेट्रोलाइट ट्रेनों का सिस्टम
अपने घोषणापत्र में भी बीजेपी ने मेट्रो के नेटवर्क को 50 शहरों तक बढ़ाने की बात कही थी. 'मेट्रोलाइट' सिस्टम के लिए छाया वाले प्लेटफॉर्म, मेट्रोलाइट के रुकने के प्लेटफॉर्म बनाए जायेंगे. साथ ही इसमें यात्रा करने के लिए यात्रियों के प्रवेश आदि का सिस्टम मेंट्रो ट्रेनों जैसा ही होगा. साथ ही टिकट आदि लेने का सिस्टम भी कमोबेश मेट्रो ट्रेन जैसा ही होगा.

मंत्रालय के मुताबिक, मेट्रोलाइट ट्रेनों के तीनों डिब्बे आपस में बिल्कुल जुड़े होंगे और इन्हें अलग नहीं किया जा सकेगा. इसके अलावा ये लो फ्लोर होंगे. ये डिब्बे भी मेट्रो की तरह ही स्टील और एल्युमिनियम के बने होंगे.

इन ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 60 किमी./घं. तक हो सकती है. लेकिन इन ट्रेनों की औसत स्पीड 25किमी./घं. ही रखा जाएगा.

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First published: July 22, 2019, 7:20 PM IST
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