अपना शहर चुनें

States

चमोली:170 से ज्यादा लापता लोगों को खोजने का बीत रहा वक्त, रेस्क्यू टीमों को इन बातों का डर

तपोवन बैराज का एक हवाई दृश्य (AP)
तपोवन बैराज का एक हवाई दृश्य (AP)

उत्तराखंड के चमोली (Chamoli)जिले में हिमखंड टूटने की त्रासदी के बाद तपोवन की सुरंग में फंसे लोगों के रिश्तेदारों को उनके सकुशल निकलने का इंतजार है. परियोजना से जुड़ी सुरंग के भीतर फंसे 30-35 लोगों को निकालने के लिए अभियान में कई एजेंसियां जुटी हुई हैं.

  • Agency
  • Last Updated: February 10, 2021, 3:25 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली/चमोली. उत्तराखंड स्थित चमोली (Chamoli) में हिमस्खलन के चलते आई बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने का वक्त अब हाथ से निकलता जा रहा है. दर्जनों लोग पॉवर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में बीते तीन दिन से फंसे हुए हैं. रविवार की सुबह घाटी में भयानक गति और बिजली गिरने से पानी और मलबे के ढेर में अब तक 170 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं. इस बाढ़ में पुल और सड़कें टूट गईं और दो पॉवर प्रोजेक्ट्स तबाह हो गए.

अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि 32 शव अब तक मिले हैं. चट्टानों और अन्य मलबे के नीचे शव बरामद होने में कई दिन लग सकते हैं. पच्चीस शवों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है. पीड़ितों में से कई देश के अन्य हिस्सों में सैकड़ों मील दूर से आए श्रमिक हैं जिनके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है.

बचाव अभियान का मेन फोकस सुरंग
आपदा वाले दिन से ही दिन-रात बड़े पैमाने पर बचाव अभियान का फोकस उत्तराखंड राज्य के तपोवन में निर्माणाधीन पॉवर प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग है. वहां राहत और बचाव कर्मी उन 34 लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके फिलहाल जिन्दा होने की उम्मीद है.
राज्य आपदा राहत अधिकारी पीयूष रौतेला ने कहा, 'जैसे-जैसे समय बीत रहा है, उन्हें खोजने की संभावना कम हो रही है. लेकिन चमत्कार होते हैं. हम एक साथ कई बुलडोजर नहीं चला सकते. हम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. आदमी, मशीनरी हम सभी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. लेकिन मलबा इतना ज्यादा है कि उसे हटाने में समय लग रहा है.'



फंसे हुए लोगों में हाईपोथर्मिया का डर
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार ITBP के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि अगर 34 लोग जीवित हैं, तो सबसे बड़ी चिंता हाइपोथर्मिया है जो ऐसी स्थितियों में घातक हो सकता है. सुरंग के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर और स्ट्रेचर के साथ-साथ स्टैंडबाय पर मेडिकल टीमें मौजूद हैं. इसके साथ ही रिश्तेदार भी उम्मीद लगाए बैठे हैं. 47 साल के शुहिल धीमान ने कहा कि उनके बहनोई प्रवीण दीवान के इस सुरंग में फंसे होने की आशंका है.

शुहिल धीमान ने कहा, 'हमें नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ था. हम सुरंग के पास गए थे, लेकिन वहां से काफी मात्रा में मलबा निकला है. सुरंग के खुलने पर तेज ढलान है और मुझे लगता है कि पानी और मलबा गहराई तक गया है. मैं नाउम्मीदी के बीच उम्मीद कर रहा हूं. अधिकारी सर्वश्रेष्ठ काम कर रहे हैं लेकिन स्थिति किसी की क्षमता से परे है.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज