टीडीपी की रैली से पहले आंध्र की जगन सरकार ने चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे को किया नजरबंद

टीडीपी की रैली से पहले आंध्र की जगन सरकार ने चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे को किया नजरबंद
चंद्रबाबू नायडू ने राज्य भर में 12 घंटे की भूख हड़ताल का आह्वान किया है.

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में राज्य में टीडीपी कार्यकर्ताओं पर सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की कथित शह पर हो रहे हमलों के खिलाफ चंद्रबाबू नायडू (chandrababu Naidu) आज विरोध मार्च (Chalo Atmakur) निकालने वाले थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 11, 2019, 12:01 PM IST
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हैदराबाद.  तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के मुखिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) और उनके बेटे नारा लोकेश को राज्य सरकार ने नजरबंद कर दिया है. इसके अलावा पिछली टीडीपी सरकार में मंत्री रहीं अखिला प्रिया को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है. टीडीपी कार्यकर्ताओं ने इस बीच चंद्रबाबू नायडू के आवास पर जाने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया. बताया जा रहा है कि नायडू अपनी गाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे तभी पुलिस ने नायडू  के घर के बाहर गेट पर रस्सी बांध दिए.

दरअसल चंद्रबाबू नायडू राज्य में टीडीपी कार्यकर्ताओं पर सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की कथित शह पर हो रहे हमलों के खिलाफ आज (11 सितंबर) विरोध मार्च (Chalo Atmakur) निकालने वाले थे.

इसे देखते हुए प्रशासन ने राज्य में नरसरावपेटा, सत्तनपल्ले, पालनाडु और गुरजला इलाके में धारा 144 लागू कर दी है. टीडीपी काडर को किसी तरह के प्रदर्शन से रोकने के खिलाफ चंद्रबाबू नायडू ने राज्य भर में 12 घंटे की भूख हड़ताल का आह्वान किया है.



बता दें कि विधायकों समेत पार्टी के कई नेताओं को बुधवार को हिरासत में लिया गया ता ताकि उन्हें गुंटूर जिले में विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा सके. यह विरोध प्रदर्शन कुछ ग्रामीणों को गांव से निकालने के विरोध में किया जाना था. सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के कुछ नेताओं को भी गुंटूर में हिरासत में लिया गया. इन नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.



टीडीपी ने घोषणा की थी कि पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ नायडू अपने आवास पर दिनभर का अनशन करेंगे. टीडीपी के अध्यक्ष गुंटूर जिले के पालनाडु क्षेत्र के रहने वाले लोगों के समूह को अटमाकुरू नाम के गांव में ले जाना चाहते थे.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता नायडू ने कहा, ‘‘ वाईएसआर के लोगों और पुलिस ने जिन ग्रामीणों को गांव से बाहर निकाल दिया था मैंने उन लोगों को वापस वहां ले जाने की योजना बनाई थी. ये कोई आंदोलन नहीं है बल्कि हम तो यह बताना चाहते हैं कि हम राजनीतिक पक्षपात के शिकार लोगों के साथ हैं.’’



 

 



 

राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौतम सांवग ने मंगलवार को इलाके में धारा 144 लागू करने का ऐलान करते हुए कहा था कि किसी भी तरह की बैठक, रैली या विरोध मार्च की इजाजत नहीं होगी.

वाईएसआर ने आरोप लगाया कि तेदेपा लोगों को पैसे देकर यह सब करवाना चाहती है. पार्टी ने खुद भी ‘चलो अटमाकुरु’ का आह्वान किया था लेकिन पुलिस ने दोनों ही पक्षों को इसकी इजाजत नहीं दी और भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अटमाकुरू और पलनाडु क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
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