Chandrayaan-2: लैंडर विक्रम को लेकर नया खुलासा, ग्राफ में दिखा कैसे टूटा संपर्क

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Updated: September 14, 2019, 11:00 PM IST
Chandrayaan-2: लैंडर विक्रम को लेकर नया खुलासा, ग्राफ में दिखा कैसे टूटा संपर्क
इसरो का विक्रम लैंडर से चंद्रमा की सतह से 335 मीटर दूरी पर संपर्क टूट था

मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स (MOX) की स्क्रीन पर ग्राफ में दिखाई दे रहा कि विक्रम (Lander Vikram) के लैंडिंग के लिए निर्धारित आखिरी 15 मिनट के 13वें मिनट में स्क्रीन पर एक हरे धब्बे के साथ सब कुछ रुक गया.

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नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) को लेकर नया खुलासा हुआ है. लैंडर विक्रम (Lander Vikram) का इसरो से संपर्क चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर नहीं, बल्कि 335 मीटर ऊंचाई पर टूटा था. इसरो के मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स (MOX) की स्क्रीन पर जारी तस्वीर से इस बात का खुलासा हुआ है.

दरअसल, जिस समय चंद्रयान-2 Chandrayaan-2) का विक्रम (Lander Vikram) लैंडिंग कर रहा था, उसकी डिटेल इसरो (ISRO) के मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स (MOX) पर एक ग्राफ के रूप में दिखाई दे रही थी. ग्राफ में तीन रेखाएं दिखाई दे रही थी. जिनमें से बीच वाली लाल रेखा पर विक्रम लैंडर चल रहा था. यह रेखा लैंडर विक्रम के लिए वैज्ञानिकों द्वारा तय किया गया पूर्व निर्धारित पथ था. जबकि विक्रम की रियल टाइम का पथ हरे रंग की रेखा में दिखाई दे रहा था.

लैंडर विक्रम 2.1 किमी दूरी पर भटका रास्ता
सब कुछ ठीक ही चल रहा था. तभी चंद्रमा की सतह से 4.2 किमी की ऊंचाई पर लैंडर विक्रम अपने पूर्व निर्धारित पथ से थोड़ा भटका, लेकिन जल्द ही उसे ठीक कर दिया गया. इसके बाद जब विक्रम चंद्रमा की सतह से 2.1 किमी की दूरी पर पहुंचा तो वह अपने रास्ते से भटक कर अलग दिशा में चलने लगा. इस समय उसकी चांद की सतह की ओर आने की 59 मीटर प्रति सेकंड (यानी 212 किमी/सेकंड) रफ्तार थी. 400 मीटर की ऊंचाई तक आते-आते विक्रम की स्पीड लगभग उस स्तर पर पहुंच चुकी थी, जिस स्पीड से उसे सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी.

400 मीटर की ऊंचाई तक आते-आते विक्रम की स्पीड लगभग उस स्तर पर पहुंच चुकी थी


चंद्रमा की सतह से 335 मीटर दूरी पर टूटा संपर्क
मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स (MOX) की स्क्रीन पर ग्राफ में दिखाई दे रहा कि विक्रम को 400 मीटर से 10 मीटर की ऊंचाई तक 1 या 2 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से नीचे लाया जाता. फिर आखिरी में इसकी गति को जीरो कर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाती. लेकिन लैंडिंग के लिए निर्धारित आखिरी 15 मिनट के 13वें मिनट में स्क्रीन पर एक हरे धब्बे के साथ सब कुछ रुक गया. उस समय लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह से 335 मीटर ऊंचाई पर था.
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First published: September 11, 2019, 5:54 PM IST
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