चंद्रयान-2 : जानिए 15 मिनट में कैसे रास्ते से भटक गया इसरो का लैंडर विक्रम

लैंडर विक्रम (Lander vikram) को देर रात लगभग 1 बजकर 38 मिनट पर चांद (Moon) की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद की सतह पर पहुंचने से करीब 2.1 किलोमीटर पहले ही उसका इसरो (ISRO) से संपर्क टूट गया.

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 11:48 PM IST
चंद्रयान-2 : जानिए 15 मिनट में कैसे रास्ते से भटक गया इसरो का लैंडर विक्रम
चंद्रयान-2 : जानिए 15 मिनट में कैसे रास्ते से भटक गया इसरो का लैंडर विक्रम
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Updated: September 7, 2019, 11:48 PM IST
भारत (India) का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) शुक्रवार देर रात चांद (Moon) की सहत से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर आकर अपना रास्ता भटक गया. इस बात की आशंका पहले ही लगाई जा रही थी कि लैंडर विक्रम (Lander vikram) के चांद की सतह पर पहुंचने से पहले के 15 मिनट काफी अहम होंगे. लैंडर विक्रम को देर रात लगभग 1 बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद की सतह पर पहुंचने से करीब 2.1 किलोमीटर पहले ही उसका इसरो (ISRO) से संपर्क टूट गया. अभी भी विक्रम और प्रज्ञान से संपर्क की उम्मीदें बाकी हैं लेकिन यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा. आइए जानते है कि आखिर 15 मिनट में क्या हुआ और कैसे इसरो का संपर्क लैंडर विक्रम से टूट गया.

लैंडर विक्रम के चांद की सतह पर पहुंचने में केवल 2 किलोमीटर का फासला रह गया था. रात करीब 1 बजकर 38 मिनट पर लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी. करीब 1: 44 मिनट पर लैंडर विक्रम ने 'रफ ब्रेकिंग के चरण को पार कर लिया था. इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसकी रफ्तार धीमी करनी शुरू की. 1:49 पर विक्रम लैंडर ने सफलता पूर्व अपनी गति कम कर ली थी और वह चांद की सतह के बेहद करीब पहुंच चुका है. रात करीब 1:52 मिनट पर चांद पर उतरने के अंतिम चरण में चंद्रयान-2 पहुंच चुका था लेकिन उसके बाद चंद्रयान का संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया.



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लैंडर विक्रम जब चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था तो हर किसी को उम्मीद हो गई थी कि चंद्रयान अपने मिशन को पूरा कर लेगा. इसी दौरान अचानक इसरो के कंट्रोल रूम में सन्नाटा पसर गया और वैज्ञानिकों के चेहरे लटक गए. किसी को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या. बताया जाता है कि इसरो के कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन पर आ रहे आंकड़े अचानक थम गए. इसके बाद इसरो चीफ सिवन वहां बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ बढ़े. इसरो चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की जानकारी दी और बाहर निकल गए. कुछ ही देर में इसरो ने कंट्रोल रूम से अपनी लाइव स्ट्रीमिंग भी बंद कर दी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाया वैज्ञानिकों का हौसला
चंद्रयान-2 से संपर्क टूटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा देखिए जीवन में उतर चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने कहा कि ये कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है, देश आप पर गर्व करता है. उन्होंने कहा कि फिर से कम्युनिकेशन शुरू हुआ तो अब भी उम्मीद बची है. मेरी तरफ से वैज्ञानिकों को बधाई, आप लोगों ने विज्ञान और मानव जाति की बहुत बड़ी सेवा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं पूरी तरह आपके साथ हूं हिम्मत के साथ चलें.

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First published: September 7, 2019, 5:57 AM IST
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