मिशन मून: धरती की कक्षा छोड़ चांद की तरफ निकला चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 (Chandrayan-2) अब चंद्रमा से 3.84 किलोमीटर दूर है. उम्मीद की जा रही है कि ये अगले 7 दिनों में यानी 20 अगस्त को चंद्रमा के और करीब पहुंच जाएगा.

News18Hindi
Updated: August 14, 2019, 8:55 AM IST
मिशन मून: धरती की कक्षा छोड़ चांद की तरफ निकला चंद्रयान-2
चंद्रयान-2
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Updated: August 14, 2019, 8:55 AM IST
चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) अपने मिशन पर लगातार आगे बढ़ रहा है. बुधवार तड़के 2:21 बजे चंद्रयान-2 धरती की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की तरफ आगे बढ़ने लगा है. इंडियन स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने ट्रांस लूनर इंजेक्शन Trans Lunar Insertion (TLI) प्रक्रिया के तहत इसे पूरा किया.

चंद्रयान 2 अब चंद्रमा से 3.84 किलोमीटर दूर है. उम्मीद की जा रही है कि ये अगले 7 दिनों में यानी 20 अगस्त को चंद्रमा के और करीब पहुंच जाएगा. इसके बाद 7 सितबंर को ये चांद की सतह पर उतर जाएगा. TLI के दौरान स्पेसक्राफ्ट का लिक्विड इंजन 1,203 सेकंड के लिए फायर किया गया. इसके बाद 22 दिन तक धरती की कक्षा में रहने के बाद चंद्रयान 2 चांद की ओर निकल पड़ा.

इसरो ऑफिस


3850 किलोग्राम के चंद्रयान-2 में तीन हिस्से हैं, जिसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर है. अभियान के तहत 22 जुलाई को प्रक्षेपण कार्यक्रम के बाद सात सितंबर को यह चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा. 22 जुलाई को चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण के बाद अब तक पांच बार प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है.

दो साल तक काम करने का अनुमान
चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के बाद सभी भारतीयों को उस पल का इंतजार है, जब ये स्वदेशी यान सॉफ्ट लैंडिंग करते हुए चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचेगा. चंद्रयान-2 के साथ ऑर्बिटर भी गया है जो चंद्रमा की परिक्रमा करेगा और रोवर तथा इसरो के बीच संपर्क बनाए रखेगा. इसरो ने बताया था कि ऑर्बिटर एक साल तक चंद्रमा का चक्कर लगाएगा, लेकिन अब इसके दो साल तक काम करने का अनुमान लगाया जा रहा है.

सितंबर का इंज़ार
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चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद की कक्षा में चक्कर लगाएगा, जबकि ‘विक्रम’ लैंडर चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा. इसके बाद लैंडर के अंदर से रोवर ‘प्रज्ञान’ बाहर निकलेगा और अपना सतही अन्वेषण कार्य शुरू करेगा. भारत के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-2’ के चांद पर उतरने की ऐतिहासिक घटना का नेशनल जियोग्राफिक नेटवर्क इसरो परिसर से सीधा प्रसारण करेगा. चंद्रयान के लैंडर ‘विक्रम’ के सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने की उम्मीद है. लैंडर के उतरने के बाद इसके अंदर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा जो कृत्रिम बुद्धिमता से संचालित छह पहिया वाहन है.

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First published: August 14, 2019, 8:27 AM IST
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