2019 में चंद्रयान-2 मिशन का प्रक्षेपण किया जाएगा: ISRO

चंद्रमा पर पहुंचने का भारत का चंद्रयान-2 मिशन अब इस साल के अंत तक पृथ्वी से रवाना नहीं हो पाएगा. अब चंद्रयान-2 को 2019 में प्रक्षेपित किया जाएगा. पढ़ें क्यों.

भाषा
Updated: August 13, 2018, 12:00 AM IST
2019 में चंद्रयान-2 मिशन का प्रक्षेपण किया जाएगा: ISRO
2019 में चंद्रयान-2 मिशन को प्रक्षेपण किया जाएगा: ISRO (सांकेतिक तस्वीर)
भाषा
Updated: August 13, 2018, 12:00 AM IST
चंद्रमा पर पहुंचने का भारत का चंद्रयान-2 मिशन अब इस साल के अंत तक पृथ्वी से रवाना नहीं हो पाएगा. अब चंद्रयान-2 को 2019 में प्रक्षेपण किया जाएगा क्योंकि इसके डिजाइन में ऐसे परिवर्तन किए जाने हैं जिससे ये आसानी से चंद्रमा पर उतर सके. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अधिकारी ने बताया, 'हमने चंद्रयान-2 मिशन को तीन जनवरी को प्रक्षेपित करने की योजना बनाई है. हम इस तारीख पर इसे प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रख रहे हैं, लेकिन ये एक संभावित तिथि है. इसके प्रक्षेपण की तारीख मार्च तक जा सकती है. हम लक्ष्य के करीब आ रहे हैं. हो सकता है कि इस तारीख को चंद्रयान-2 को प्रक्षेपित नहीं कर सकें.'

शीर्ष अधिकारी ने बताया कि चंद्रयान-2 को प्रक्षेपित करने की तारीख आगे बढ़ाई गई क्योंकि इसके डिज़ाइन में ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने थे जिससे ये आसानी से चंद्रमा की सतह पर उतर सके.

भारतीय अंतरिक्ष मिशन की स्थापना करने में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले डॉक्टर विक्रम साराभाई की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर शीर्ष अधिकारी ने ये जानकारी दी.

इसरो के प्रमुख के सिवन से जब ये पूछा गया कि चंद्रयान-2 के भार में 600 किलोग्राम की बढ़ोतरी क्यों की गई तो उनका कहना था कि इसरो ने प्रयोगों के दौरान पाया कि उपग्रह से जब चंद्रमा पर उतरने वाला हिस्सा बाहर निकलेगा तो उपग्रह हिलने लगेगा. इसलिए इसके डिज़ाइन में सुधार और वजन बढ़ाने की ज़रूरत थी.

उन्होंने संवाददातों को बताया, 'उपग्रह को अधिक चक्कर लगाने की ज़रूरत है जिसमें अधिक ईंधन की ज़रूरत होगी.' इसरो के भविष्य के मिशन के बारे में पूछे जाने पर सिवन ने बताया कि अगले तीन वर्षों में इसरो की योजना 50 से ज्यादा उपग्रह प्रक्षेपित करने की है.

उन्होंने बताया कि इसरो 2019 में 22 उपग्रह प्रक्षेपित करेगा. इसरो की ओर से एक साल में प्रक्षेपित किए गए ये अधिकतम उपग्रह की संख्या है. सिवन ने बताया कि इसरो इस साल अक्तूबर में डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के जीएसएटी 29 उपग्रह सहित 30 कारोबारी उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा.
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इसरो प्रमुख से जब जीएसएटी 6 ए (इस उपग्रह के साथ इसरो का संपर्क टूट गया है) के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसरो ने अब भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है और हम अब भी इस उपग्रह के साथ रडार संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हम अभी एक साल और इसका इंतज़ार करेंगे और इसके बाद ही इसके विफल होने की घोषणा करेंगे.
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