चप्पल से चपाती तक- जानिए बिहार में किन-किन चिन्हों पर चुनाव लड़ रही पार्टियां

बिहार के तीन चरणों में होने वाले चुनावों में मतदान के दौरान वोटिंग मशीन में चप्पल, चपाती, मूसल और गारा जैसे चुनाव चिह्न देखकर थोड़ी बहुत हैरानी तो मतदाताओं को होगी. (सांकेतिक तस्वीर)
बिहार के तीन चरणों में होने वाले चुनावों में मतदान के दौरान वोटिंग मशीन में चप्पल, चपाती, मूसल और गारा जैसे चुनाव चिह्न देखकर थोड़ी बहुत हैरानी तो मतदाताओं को होगी. (सांकेतिक तस्वीर)

28 अक्टूबर को बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में पहले चरण का मतदान (First Phase Voting) होगा. इस बीच उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हैं. यहां पर चप्पल से लेकर चपाती तक कई चुनाव चिह्नों की भरमार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 5:54 AM IST
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नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने के लिए अतरंगी तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं. 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा. इस बीच उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हैं. यहां पर चप्पल से लेकर चपाती तक कई चुनाव चिह्नों की भरमार है.

शिव सेना को बिस्कुट चुनाव चिह्न ऑफर किया
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिव सेना को बिस्कुट चुनाव चिह्न ऑफर किया है. दरअसल जनता दल (जदयू) का चुनाव चिह्न यहां तीर है. जबकि शिव सेना का चुनाव चिह्न धनुष और तीर है. ऐसे में लोगों के बीच कोई कन्फ्यूजन न हो, इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने बिहार में शिव सेना को बिस्कुट चुनाव चिह्न ऑफर किया है.

मतदाताओं को होगी हैरानी
बिहार के तीन चरणों में होने वाले चुनावों में मतदान के दौरान वोटिंग मशीन में चप्पल, चपाती, मूसल और गारा जैसे चुनाव चिह्न देखकर थोड़ी बहुत हैरानी तो मतदाताओं को होगी ही. लेकिन इस बार बिहार में चुनाव आयोग ने की लिस्ट में मूसल, गारा, चप्पल, चपाती जैसे चुनाव चिह्न नजर आएंगे. जून 2018 से लेकर अब तक चुनाव आयोग ने फ्री में मिलने वाले चुनाव चिह्नों की अपनी लिस्ट में 199 चिन्ह जोड़े हैं.



कुछ चुनाव चिन्ह पहली बार दिखेंगे ईवीएम पर
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के मतदाता इनमें से कई चिह्नों को पहली बार ईवीएम मशीन पर देखेंगे. यहां की आम जनता पार्टी राष्ट्रीय को चुनाव आयोग ने 'चप्पल' चुनाव चिह्न अलॉट किया है. इसी तरह आम अधिकार मोर्चा को 'चपाती' चुनाव चिह्न मिला है. हिंदू समाज पार्टी को 'मूसल और गारा' चुनाव चिह्न के रूप में दिया गया है.

अजब-गजब चुनाव चिह्नों की सूची यहीं खत्म नहीं होती. राष्ट्रीय जन विकास पार्टी को 'बेबी वॉकर' बतौर चुनाव चिह्न अलॉट हुआ है तो हिंदूस्तान संपूर्ण आजाद पार्टी के हिस्से 'गुब्बारा' आया है. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (राष्ट्रीय) के खाते में 'दूरबीन' आई है. वहीं राष्ट्रीय जन-जन पार्टी की झोली में 'बैट' गिरा.

लिस्ट बेहद लंबी है. भारतीय लोक नायक पार्टी का चुनाव चिह्न 'रोड रोलर' है. भारतीय सबलोग पार्टी को चुनाव आयोग ने तुरही (trumpet) चुनाव चिह्न से नवाजा है तो मजदूर एकता पार्टी को हाथ गाड़ी चुनाव चिह्न दिया है.

पप्पू यादव की पार्टी का चुनाव चिन्ह
पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक को इस बार कैंची चुनाव चिह्न मिला है जबकि 2015 में यह पार्टी 'हॉकी स्टिक और बॉल' पर चुनाव लड़ी थी. सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की लिस्ट से चुनाव चिह्न चुनने पड़ते हैं. कुल 2,598 पार्टियां पंजीकृत हैं.
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