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चेन्नईः सरकारी स्कूलों की 10 में से 1 लड़की होती है अपनों के दुर्व्यवहार का शिकार, रिसर्च में खुलासा

चेन्नईः सरकारी स्कूलों की 10 में से 1 लड़की होती है अपनों के दुर्व्यवहार का शिकार, रिसर्च में खुलासा

सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में कक्षा 9, 10 और 11 की 300 किशोरियों ने हिस्सा लिया. फाइल फोटो

सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में कक्षा 9, 10 और 11 की 300 किशोरियों ने हिस्सा लिया. फाइल फोटो

Tamilnadu News: मद्रास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के एक अध्ययन के अनुसार शहर के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 10 में से एक से अधिक छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया है. अध्ययन में कम से कम 5 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि उनके पिता, मित्र, पड़ोसी या रिश्तेदार द्वारा उनका यौन शोषण किया गया है.

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हाइलाइट्स

अध्ययन के दौरान कम से कम 13 प्रतिशत छात्रों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की.
इनमें से लगभग 72 प्रतिशत ने शारीरिक शोषण की शिकायत की.
44 प्रतिशत ने यौन शोषण की शिकायत की.

चेन्नई. सरकारी स्कूलों में लड़कियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर चेन्नई से आ रही खबर काफी चिंताजनक है. मद्रास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के एक अध्ययन के अनुसार शहर के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 10 में से एक से अधिक छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया है. अध्ययन में कम से कम 5 प्रतिशत छात्रों ने कहा कि उनके पिता, मित्र, पड़ोसी या रिश्तेदार द्वारा उनका यौन शोषण किया गया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्टेट जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में कक्षा 9, 10 और 11 की 300 किशोरियों की जांच की गई. अध्ययन की लेखिका जे जयश्री ने कहा कि प्रतिभागियों को स्वयं प्रश्नों के उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया गया था. इसके साथ ही सहायता के लिए अनुरोध करने वालों को सहायता प्रदान की गई थी.

13 प्रतिशत छात्रों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की
अध्ययन के दौरान कम से कम 13 प्रतिशत छात्रों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की. इनमें से लगभग 72 प्रतिशत ने शारीरिक शोषण की शिकायत की, 44 प्रतिशत ने यौन शोषण की शिकायत की और 18 प्रतिशत ने यौन और शारीरिक शोषण की शिकायत की. किशोरियों के साथ हिंसा को लेकर यह अध्ययन गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है. हिंसा में थप्पड़ (82 प्रतिशत), लात मारना (32 प्रतिशत), धक्का देना (14 प्रतिशत), वहीं एक कमरे में बंद होना (7 प्रतिशत), जलने से पीड़ित (7 प्रतिशत) या बंधे होने (3.57 प्रतिशत) की शिकायत किशोरियों ने की है.

वहीं, 42 प्रतिशत बच्चों ने कहा कि उनके साथ दुर्व्यवहार केवल एक बार हुआ. 28 प्रतिशत ने कहा कि उनके साथ यह कभी-कभार हुआ है और 25 प्रतिशत ने कहा कि उनके साथ यह हर महीने में एक बार हुआ है, जिन बच्चों का यौन शोषण किया गया. उनमें से लगभग 18 प्रतिशत ने कहा कि यह उनके साथ एक से अधिक बार हुआ है.

दुर्व्यवहार करने वालों में ज्यादातर परिवार के लोग
दुर्व्यवहार करने वालों को लेकर इस अध्ययन के परिणाम और चौकाते हैं. दुर्व्यवहार करने वालों में ज्यादातर परिवार के लोग ही हैं. बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने में 38 प्रतिशत पिता, भाई 20 प्रतिशत, चचेरे भाई 17 प्रतिशत, चाचा 14 प्रतिशत ओर चाची 7 प्रतिशत हैं.

Tags: Child sexual abuse, Child sexual harassment, Sexual Harassment

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