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केरल त्रासदी: मदद के नाम पर मजाक, 3.26 करोड़ रुपये के चेक बाउंस

News18.com
Updated: January 22, 2019, 5:24 PM IST
केरल त्रासदी: मदद के नाम पर मजाक, 3.26 करोड़ रुपये के चेक बाउंस
प्रतिकात्मक तस्वीर

ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड (सीएमडीआरएफ) में 3.26 करोड़ राशि के चेक और डिमांड ड्राफ्ट बाउंस हुए हैं.

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  • Last Updated: January 22, 2019, 5:24 PM IST
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केरल बाढ़ की 'महात्रासदी' में 350 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई थी और हजारों लोग बेघर हो गए थे. उस वक्त सरकारी, गैर सरकारी और व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता की जा रही थी. लेकिन ताजा आंकड़ों ने चौकाने वाले खुलासे किए हैं. उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि शायद कुछ लोगों ने सहायता के नाम पर 'मजाक' किया. या फिर कहें कि उनका ये पब्लिसिटी स्टंट था.

ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड (सीएमडीआरएफ) में 3.26 करोड़ राशि के चेक बाउंस हुए हैं. केरल के कासरगोड के विधायक एनए नेलीकुन्नु द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के जवाब में यह आंकड़े सामने आए हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के अनुसार, 3.26 करोड़ राशि के आंकड़ों में 395 चेक और डिमांड ड्राफ्ट शामिल हैं.

मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड में 30 नवंबर 2019 तक 2,797.67 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई गई. इसमें ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से 260.45 करोड़ रुपये आए और 2,537.22 करोड़ रुपये चेक, कैश और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए. अकेले चेक के माध्यम से 7.46 करोड़ रुपये हैं. नेलीकुन्नु ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से कहा, 'बाउंस चेकों की संख्या यह बताती है कि बाढ़ त्रासदी में लोगों की मौतों पर भी कुछ लोगों ने पब्लिसिटी का खेल खेला.'

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ताजा आंकड़ों के अनुसार, सीएमडीआरएफ में कुल 3226.21 करोड़ रुपये जमा कराए गए और 1199.69 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया गया है. अगस्त 2018 में सीएमडीआरएफ में केवल 14 दिनों में ही रिकॉर्ड 713.9 करोड़ रुपये जमा कराए गए.

पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने और राज्य की स्थिति दोबारा सामान्य करने के लिए खुद मुख्यमंत्री के साथ ही नेटिजन्स और आम लोगों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाया. केरल और अन्य राज्यों की मशहूर हस्तियों ने राज्य की इस त्रासदी में बढ़ चढ़कर सहयोग किया. आम लोगों का योगदान भी इसमें कम नहीं था. सार्वजनिक रूप से इस भागीदारी के कारण ही यह राज्य दोबारा संभल पाया.

ये भी पढ़ें: SC का आदेश- सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली दोनों महिलाओं को केरल सरकार दे सुरक्षादिसंबर 2018 के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री राहत कोष से 7.37 लोख लोगों को आर्थिक सहायता दी गई है. उनपर 457.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए. उनमें ऐसे लाखों लोग थे, जिनके घर तबाह हो गए थे. इनमें से 2,43,207 लाख परिवारों को 1,256.55 करोड़ की राशि खर्च करके पुनर्निर्माण के लिए सहायता दी गई. एर्नाकुलम के 1,93,448 और अलाप्पुझा के 1,66,345 लोग लाभार्थियों की लिस्ट में टॉप पर हैं.

चेक बांउस के कारण
चेक कई कारणों से बाउंस हो सकता है. जैसे संबंधित खाते में धनराशि की कमी, हस्ताक्षर न मिलना, चेक में कुछ बदलाव, पुराना चेक और सीज हुए खाते के कारण चेक को बाउंस किया जा सकता है. चेक बाउंस होने पर बैंक भुगतानकर्ता को राशि का भुगतान नहीं करता है. इसके साथ ही खाता धारक पर बैंक कार्रवाई भी कर सकता है.

मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड का दुरुपयोग
पिछले हफ्ते लोकायुक्त जस्टिस पायस सी कुरीकोस, उप लोकायुक्त जस्टिस केपी बालचंद्रन और जस्टिस एके बशीर वाली पीठ ने मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को सीएमडीरआरएफ फंड के एक कथित खराब कामकाज के लिए नोटिस जारी किया था.

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First published: January 22, 2019, 5:24 PM IST
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