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एक गांव जहां सूर्य ग्रहण पर मनाया जाता है जश्न, देखें VIDEO

केरल के एक गांव में सूर्य ग्रहण को जश्न की तरह मनाया जाता है (फाइल फोटो)

केरल (Kerala) के एक गांव चेरुवथुर (Cheruvathur) में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) जश्न की तरह मनाया जाता है. यहां सूर्यग्रहण के मौके पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

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    कासरगोड. देशभर में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) को आमतौर पर उदासीनता से मनाया जाता है. जहां हिंदू मान्यताओं (Hindu Beliefs) में माना जाता है कि ग्रहण का समय सूर्य के लिए कठिन होता है और इसलिए इस समय पूजा-पाठ करने का विधान होता है. वहीं केरल (Kerala) के एक गांव चेरुवथुर (Cheruvathur) में सूर्य ग्रहण जश्न की तरह मनाया जाता है.

    फिलहाल कासरगोड (Kasaragod) जिले के इस गांव चेरुवथुर में देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग सूर्य ग्रहण देखने के लिए पहुंचे हैं. लोगों का कहना है कि दुनिया में जिन 3 जगहों पर सबसे ज्यादा दिखाई देगा, उनमें से एक केरल (Kerala) का यह गांव भी है. यूं तो ग्रहण से पहले उपवास और पूजा-पाठ का विधान है लेकिन इस गांव में सूर्य ग्रहण के पहले से जश्न की तैयारियां शुरू हो गई थीं.

    सूर्य ग्रहण से पहले आयोजित किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम
    सूर्य ग्रहण के एक दिन पहले यानी बुधवार को 25 दिसंबर की रात पूरे गांव में प्रभात फेरी निकाली गई. इसमें दुनिया भर से आए लोग, स्थानीय पुजारी, गांव के लोग और मीडिया के लोग शामिल हुए. ग्रहण के अवसर पर इस गांव के हर सेकेंडरी स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में स्थानीय कुचिपुड़ी कथा समेत कई आयोजन किए गए. इन आयोजनों के बाद इस गांव में भव्य भोज का आयोजन किया गया. इसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के भोजन का इंतजाम भी रहा. साफ है सूर्य ग्रहण का जश्न मनाया जा रहा है.

    ग्रहण के दौरान भी लोगों के लिए रहा जलपान का इंतजाम
    आज सुबह जब भारत में हिंदू धर्म के कई लोग सूर्य ग्रहण को लेकर चिंतित रहे, वहीं यह गांव दुनिया भर से आए लोगों के स्वागत के उत्साह में रहा. गांव के स्थानीय लोगों (Local People) के साथ-साथ पूरा प्रशासन सुबह 6:00 बजे से आने वाले लोगों के स्वागत में, उनके जलपान की व्यवस्था में जुटा रहा. साथ ही कौन कहां बैठेगा, कहां रहेगा, उसके इंतजाम में रहा.



    कासरगोड के जिलाधिकारी बी सतीश बाबू खुद मौके पर स्थानीय सांसद (Local MP) और विधायक के साथ ही मौजूद रहे. इस दौरान वे सूर्य ग्रहण के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर कर रहे थे. खास बात है सूर्य ग्रहण के दौरान जब आम तौर पर लोग खाना पीना छोड़ देते हैं यहां पर लगातार चाय-बिस्किट और अलग-अलग तरह के जलपान वितरित किए जा रहे थे.

    प्रशासन, सत्ता और स्थानीय लोगों ने जश्न बनाने में किया पूरा सहयोग
    अन्य भ्रांतियों से दूर यह गांव यहां आने वाले दुनिया भर के लोगों के लिए एक उदाहरण बना है. चेरुवथुर गांव (Village) के लिए सूर्य ग्रहण एक उत्सव से कम नहीं है क्योंकि इसी मौके पर इस गांव का नाम दुनिया के नक्शे पर चमक रहा है. और स्थानीय लोग, सत्ता, प्रशासन शायद इस मौके को गंवाना नहीं चाहते थे और इसीलिए उन्होंने इसे एक जश्न बनने में पूरा सहयोग किया.

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