पीएम मोदी को वैक्सीनेशन पॉलिसी पर घेरने के चक्कर में गलत बोल गए चिदंबरम, बाद में मांगी माफी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम. (पीटीआई फाइल फोटो)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम. (पीटीआई फाइल फोटो)

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संशोधित टीकाकरण नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा था- किसी ने नहीं कहा कि केंद्र को टीके नहीं खरीदने चाहिए.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus In India) की दूसरी लहर के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस समेत तमाम कई क्षेत्रीय दलों के बीच जमकर वाकयुद्ध हुआ. टीकाकरण की नीति से लेकर अस्पतालों में बेड की गैरमौजूदगी और ऑक्सीजन के संकट को लेकर सभी दल एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे. ऐसा ही एक आरोप पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने लगाया था. हालांकि उन्होंने कुछ देर बाद अपना बयान वापस ले लिया. चिदंबरम ने संशोधित वैक्सीन नीति को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा था.

चिदंबरम ने ट्वीट किया- 'मैंने ANI (समाचार एजेंसी) से कहा था कि वह बताएं कि कौन सी राज्य सरकार ने कहा था कि उन्हें वैक्सीन खरीदने की अनुमति दी जाए. सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस बाबत एक चिट्ठी की ओर मेरा ध्यान आकृष्ट किया है जिसमें बंगाल सरकार ने वैक्सीन पर निर्माताओं से बात करने की अनुमति मांगी थी. मैं गलत था. मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं.'

बता दें चिदंबरम ने संशोधित टीकाकरण नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा था- किसी ने नहीं कहा कि केंद्र को टीके नहीं खरीदने चाहिए. पीएम अब राज्य सरकारों पर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं - वे टीके खरीदना चाहते थे इसलिए हमने उन्हें अनुमति दी. बताइए कि किस सीएम, किस राज्य सरकार ने किस तारीख को मांग की कि उन्हें टीके खरीदने की अनुमति दी जाए.'

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पीएम ने क्या ऐलान किया था?गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि अब 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए भी राज्यों को टीका मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा और अगले दो सप्ताह में इससे जुड़े दिशानिर्देश तय कर लिए जाएंगे. उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह भी कहा कि पूरे देश में सभी लिए के मुफ्त टीकाकरण 21 जून से शुरू होने की उम्मीद है. मोदी ने कई विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बयानों का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए यह भी कहा कि टीकाकरण को लेकर राजनीतिक छींटाकशी उचित नहीं है.
प्रधानमंत्री ने राज्यों को 18 से 44 साल आयु वर्ग के लोगों के लिए भी टीका राज्यों को मुफ्त उपलब्ध कराने संबंधी घोषणा उस वक्त की है जब दिल्ली और पंजाब समेत कई विपक्ष शासित राज्यों की सरकारों ने हाल के महीनों में टीके की कमी और राज्य के स्तर पर टीके की खरीद में दिक्कतों का मुद्दा कई बार उठाया था. मोदी ने कहा, ‘ये निर्णय़ लिया गया है कि राज्यों के पास टीकाकरण से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी. ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी. इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी.’


प्रधानमंत्री ने कहा, ‘उम्मीद है कि 21 जून से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों को मुफ्त टीका देगी. किसी भी राज्य सरकार को टीके पर कुछ खर्च नहीं करना होगा.' उन्होंने घोषणा की, ‘देश में बन रहे टीके में से 25 प्रतिशत, निजी क्षेत्र के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी. निजी अस्पताल, वैक्सीन की निर्धारित कीमत के उपरांत एक डोज पर अधिकतम 150 रुपये ही सेवा शुल्क ले सकेंगे. इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के ही पास रहेगा.’

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