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तारों की दुनिया को और करीब से देखेंगे बच्‍चे, 3D इफेक्‍ट से लैस होगा नेहरू तारामंडल

तारों की दुनिया को और करीब से देखेंगे बच्‍चे, 3D इफेक्‍ट से लैस होगा नेहरू तारामंडल

बच्चों और बड़ों को तारों की दुनिया से रू-ब-रू कराने वाला नेहरू तारामंडल अब थ्रीडी होने जा रहा है.

बच्चों और बड़ों को तारों की दुनिया से रू-ब-रू कराने वाला नेहरू तारामंडल अब थ्रीडी होने जा रहा है.

Nehru Planetarium: पहले से चल रहे तारामंडल (Planetarium) के साथ ही एक और आधुनिक तकनीक से लैस एक गुंबद तैयार किया जा रहा है, जिसमें इमर्सिव हाइब्रिड 8K 3D प्रणाली का इस्‍तेमाल किया जाएगा. इस गुंबद को तैयार करने में 12 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

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  • News18Hindi
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नईदिल्‍ली. दिल्‍ली के तीन मूर्ति भवन (Teen Murti Bhawan) में स्थित नेहरू तारामंडल (Nehru Planetarium) अब जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा. बच्चों और बड़ों को तारों की दुनिया से रू-ब-रू कराने वाला तारामंडल (Planetarium) अब थ्रीडी होने जा रहा है. इस योजना के तहत डोम थियेटर में आधुनिक थ्रीडी स्क्रीन लगाई जाएगी. अधिकारियों ने इसके मौजूदा स्‍काई थिएटर को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपग्रेड करने का निर्णय लिया है. 250 सीटों वाले इस थिएटर में गोलाकार रूप में सीटें हैं. पिछले कई सालों से 15 मीटर व्यास के गुंबद के अंदर सौर मंडल से जुड़ी जानकारी दी जाती रही है. मौजूदा प्रणाली एक अमेरिकी फर्म स्काईस्कैन इंक द्वारा कई साल पहले तारामंडल में स्थापित एक 2डी प्रणाली है.

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक अब इस गुंबद के साथ ही एक और आधुनिक तकनीक से लैस एक गुंबद तैयार किया जा रहा है, जिसमें इमर्सिव हाइब्रिड 8K 3D प्रणाली का इस्‍तेमाल किया जाएगा. इस गुंबद को तैयार करने में 12 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रिपोर्ट के मुताबिक इसमें, ऑटो ज्योमेट्रिकल करेक्शन, ऑटो इमेज स्टिचिंग, ऑटो ब्लेंडिंग, 7.1 सराउंड साउंड और 3 डी चश्मा जैसी बेहतर सुविधाएं मौजूद होंगी.

नए प्लेनेटेरियम को कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिसमें बैठने के बाद आपको लगे कि आप सच में तारामंडल की सैर कर रहे हैं. इसमें गुंबद में जो शो चलाए जाएंगे वह 50 मिलियन पिक्‍सल के साथ दिखाए जाएंगे, जिससे वहां का नजारा बिल्‍कुल असली लगेगा. इसे सच करने के लिए नई तकनीक पर आधारित खगोल विज्ञान सिमुलेशन सॉफ्टवेयर का इस्‍तेमाल किया जाएगा. बता दें कि इस नए प्रोजेक्‍ट के लिए कल टेंडर निकाला गया है.

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नए तारामंडल में क्या बदलेगा?
नई प्रणाली सूर्य के 3 डी मॉडल, चंद्रमा सहित ग्रहों और क्षुद्रग्रहों की जानकारी देगा. इसमें 88 नक्षत्रों, पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों, बाहरी सौर मंडल, धूमकेतु और कुइपर बेल्ट को प्रदर्शित किया जाएगा. यह कैसिनी, वोयाजर और वोयाजर 2 जैसे अंतरिक्ष मिशन, नवीनतम मंगल मिशन, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और आकाशगंगा के अलावा महत्वपूर्ण भारतीय अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष मिशन की भी जानकारी देगा.

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रिपोर्ट में कहा गया है, सिस्टम को अमेरिकन म्यूज़ियम ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री डिजिटल यूनिवर्स से जोड़ना होगा और वास्तविक समय में वॉल्यूमेट्रिक मिल्की वे गैलेक्सी को प्रदर्शित करना होगा. इसमें कहा गया है कि प्रोजेक्शन की 3डी तकनीक रीयल-टाइम ग्राफिक्स का उपयोग करते समय पूरे गुंबद पर एक समान दिखाई देनी चाहिए और सिस्टम में पेशेवर गुणवत्ता वाले ग्राफिक कंप्यूटर होने चाहिए.

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1984 में इंदिरा गांधी ने किया था उद्घाटन
नेहरू तारामंडल तीन मूर्ति भवन में वह जगह है जहां जाकर ब्रह्मांड, तारों, सितारों और खगोलीय घटनाओं से जुड़ी जिज्ञासा को शांत किया जा सकता है. भारत के अन्य शहरों के तारामंडलों की अपेक्षा इस तारामंडल के पास बहुत ज्यादा सुविधाएं हैं. नेहरू तारामंडल लोगों को इस रहस्यमय दुनिया की झलक दिखाता है. नेहरू तारामंडल की कल्पना एवं योजना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बनाई थी. वे चाहती थीं कि बच्चों में विज्ञान को बढ़ावा दिया जाए. इसका उद्घाटन 1984 में इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था.

Tags: Galaxy, Indira Gandhi, Space

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